पूर्व न्यायाधीश उमेश कुमार ने संभाला DERC अध्यक्ष पद, दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने दिलाई शपथ
इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश उमेश कुमार ने दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के नए अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल लिया है। डीईआरसी राष्ट्रीय राजधानी के विद्युत नियामक के रूप में कार्य करता है जो विद्युत दरों का निर्धारण करता है तथा दिल्ली की विद्युत वितरण कंपनियों और उत्पादन कंपनियों के संचालन के नियामक पहलुओं का निपटारा करता है।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश उमेश कुमार दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के नए अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल लिया है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद (Ashish Sood) ने सोमवार सुबह उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
2023 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था नियुक्ति का मामला
पूर्व न्यायाधीश उमेश कुमार को जुलाई, 2023 में उपराज्यपाल की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने डीईआरसी का अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन तत्कालीन आम आदमी पार्टी की सरकार ने उनकी नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और उपराज्यपाल को आपस में विवाद हल करने को कहा था।
दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग का दफ्तर। (फोटो सौ.- डीईआरसी)
न्यायाधीश जयंत नाथ नई सरकार बनने के बाद दिया था इस्तीफा
विवाद हल नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त, 2023 में सेवानिवृत्त न्यायाधीश जयंत नाथ को डीईआरसी का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया था। दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्होंने पिछले माह अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। पिछले दिनों दिल्ली सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश उमेश कुमार की नियुक्ति की अनुमति दी थी।
दिल्ली में दो साल से घोषित नहीं हुई बिजली की दरें
डीईआरसी राष्ट्रीय राजधानी के विद्युत नियामक के रूप में कार्य करता है, जो विद्युत दरों का निर्धारण करता है तथा दिल्ली की विद्युत वितरण कंपनियों और उत्पादन कंपनियों के संचालन के नियामक पहलुओं का निपटारा करता है।
पिछले दो वर्षों से दिल्ली में बिजली की दरें घोषित नहीं हुई है। डीईआरसी के अध्यक्ष नियुक्त होने से बिजली की नई दरें घोषित होने की उम्मीद। 27 व 28 मार्च को इसे लेकर जनसुनवाई होगी।
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