नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। high security number plate: अब दिल्ली में चलने वाले वाहनों पर लगे स्टीकर बताएंगे कि वाहन पेट्रोल का है, डीजल का है या फिर सीएनजी का। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (Union minister for road transport and highways) की अधिसूचना पर दिल्ली परिवहन विभाग (Delhi Transport Service) ने भी इस आशय का आदेश जारी कर दिया है। अब मान्यता प्राप्त डीलर होलोग्राम आधारित कलर कोड स्टीकर और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगा सकते हैं।

मंत्रालय ने दिल्ली समेत अन्य राज्यों से भी कहा है कि वाहनों पर ईंधन के आधार पर होलोग्राम आधारित कलर कोड वाला स्टीकर लगाने का काम तेज कर दिया जाए।

मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि वाहनों की तुरंत पहचान के लिए वाहनों में प्रयोग होने वाले ईंधन की प्रकृति के मुताबिक अलग-अलग रंगों के होलोग्राम आधारित रंगीन स्टीकर लगाया जाए। पेट्रोल और सीएनजी वाहनों के लिए हल्का नीला रंग, डीजल वाहनों के लिए संतरी रंग और अन्य ईंधन से चलने वाले वाहनों के लिए ग्रे रंग का स्टीकर लगाने का आदेश दिया है।

मंत्रालय के अनुसार एक अप्रैल 2019 के बाद सड़क पर आने वाले सभी वाहनों को होलोग्राम आधारित कलर कोड के साथ स्टीकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (high security number plate ) पर लगाया जा रहा है। अगस्त 2019 तक दो लाख 63 हजार 160 वाहनों पर लगाया जा चुका है।

गौरतलब है कि मंत्रालय ने 16 अक्टूबर को आदेश जारी किया है कि अब मान्यता प्राप्त डीलर होलोग्राम आधारित कलर कोड स्टीकर और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगा सकते हैं।

दिल्ली सहित देश में एक अप्रैल 2019 के बाद बिकने वाले सभी वाहनों पर अनिवार्य रूप से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जाएगी। मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए कहा कि राज्य सरकार यह निर्णय लेगी कि इन नंबर प्लेटों को मान्यता प्राप्त डीलर लगाएंगे या हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को बनाने वाली संस्था ही इन्हें लगाएगी।

पुराने वाहनों पर लगाना होगा स्टीकर

मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए कहा कि यदि किसी पुराने वाहन ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवा लिया है तो उन्हें अनिवार्य तौर पर होलोग्राम आधारित कलर कोड स्टीकर लगवाना होगा। इन स्टीकर को मान्यता प्राप्त डीलर ही लगा सकेंगे।

यह भी जानें

  • साल की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में बताया था कि एक अप्रैल के बाद सभी वाहन निर्माताओं के लिए high security registration plates (HSRP) अनिवार्य होगा। 
  • वाहन निर्माता कंपनियों को तीसरा रजिस्ट्रेशन मार्क भी बनाना होगा।
  • कौन सा ईंधन गाड़ी में इस्तेमाल हो रहा है इसके लिए कलर कोडिंग करनी होगी।
  • पुराने वाहन निर्माता कंपनी की तरफ से दिए गए हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को कंपनी के डीलर्स भी लगा सकते हैं।
  • इन नंबर प्लेट्स के साथ छेड़छाड़ करना मुमकिन नहीं, क्योंकि क्रोमियम बेस्ड होते हैं। 

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Posted By: JP Yadav

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