Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Aircel Maxis case: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम व उनके बेटे को कोर्ट ने जारी किया समन

    By Pradeep ChauhanEdited By:
    Updated: Sat, 27 Nov 2021 03:19 PM (IST)

    Aircel Maxis case सीबीआई ने मई 2017 में चिदंबरम के खिलाफ मामला दर्ज किया था। चिदंबरम पर वित्त मंत्री रहते समय साल 2007 में आईएनएक्स मीडिया समूह को 305 करोड़ रुपये का विदेशी चंदा पाने के लिए दी गई विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड में अनियमितता का आरोप लगा था।

    Hero Image
    Aircel Maxis case:पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम व उनके बेटे कार्ति चिदंबरम और अन्य को समन जारी किया है।

    नई दिल्ली, एएनआइ। दिल्ली की अदालत ने ईडी और सीबीआई मामलों में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम व उनके बेटे कार्ति चिदंबरम और अन्य को समन जारी किया है। सीबीआई ने मई 2017 में चिदंबरम के खिलाफ मामला दर्ज किया था। चिदंबरम पर वित्त मंत्री रहते समय साल 2007 में आईएनएक्स मीडिया समूह को 305 करोड़ रुपये का विदेशी चंदा पाने के लिए दी गई विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड में अनियमितता का आरोप लगा था।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    दरअसल, एयरसेल-मैक्सिस मामले में दिल्ली की अदालत ने सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज मामलों में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ती को अग्रिम जमानत दी थी। साथ ही अदालत ने पी. चिदंबरम, उनके बेटे कार्ती को सीबीआई, ईडी द्वारा दर्ज एयरसेल-मैक्सिस मामलों में जांच में शामिल होने का निर्देश भी दिया था। फिलहाल,दिल्ली की अदालत ने पी चिदंबरम व उनके बेटे समेत अन्य लोगों के खिलाफ समन जारी किया है

    गौरतलब है कि आइएनएक्स मीडिया केस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को शनिवार को दिल्ली की अदालत में पेश होना था। इस केस से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दोनों को समन जारी किया है । इसमें पी. चिदंबरम पर वित्त मंत्री रहते अपने बेटे को फायदा पहुंचाने और उससे प्राप्त धन को विदेश भेजने का आरोप है।

    दर्ज केस के मुताबिक, आइएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (FIPB) से गैर कानूनी तौर पर मंजूरी दिलवाने से जुड़ा है। इसमें आइएनएक्स ने 305 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश हासिल किया था। 15 मई 2017 में सीबीआई ने विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं के चलते पहली एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद साल 2018 में प्रवर्तन निदेशालय ने भी मनी लांड्रिंग मामले में केस दर्ज किया था।