नई दिल्ली, जागरण संवाददाता।  नए साल यानी 2020 की शुरुआत दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के साथ हुई है। दिल्ली के साथ एनसीआर के शहरों नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद में प्रदूषण की स्थिति खराब चल रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Delhi Pollution Control Committee) द्वारा जारी आकड़ों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता स्तर (Air Quality Index) खतरनाक स्थिति में बना हुआ है। DPCC के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली के आनंद विहार में 412, आरकेपुरम में 391 तो रोहिणी में 439 रहा। यह लोगों के स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक है। 

वहीं, इससे पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के प्रदूषण मॉनीटरिंग स्टेशन में मंगलवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 387 दर्ज हुआ, जो कि हवा की गुणवत्ता की बहुत खराब श्रेणी है। हलांकि, सोमवार एयर इंडेक्स 446 दर्ज हुआ था, जो खतरनाक श्रेणी है। इसके अलावा गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सोमवार को खतरनाक श्रेणी में एयर इंडेक्स दर्ज हुआ था। मंगलवार के दिन इन सभी जगहों पर एयर इंडेक्स बहुत खराब श्रेणी में दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुसार अगले दो दिनों में प्रदूषण के स्तर में और भी कमी आने के आसार हैं। इसका कारण तेज गति से दिल्ली और आस पास के इलाकों में हवा चलना है। जिससे प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।

पूर्वी दिशा से चली तेज हवा ने जहां सर्दी से राहत दिलाई है। वहीं मंगलवार को हवा की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन बारिश और तेज हवा चलने की उम्मीद है। इससे प्रदूषण के स्तर में और गिरावट होने की उम्मीद है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग

ठंड से बचने के लिए घरों व दफ्तरों में इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ गया है। इस वजह से बिजली की खपत अधिक हो गई है। इसी क्रम में 30 दिसंबर को राजधानी में बिजली की रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई और 5298 मेगवाट बिजली की खपत हुई। हालांकि 31 दिसंबर को बिजली की खपत में बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई।

 

 

Posted By: JP Yadav

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