नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। पांच साल से अधिक समय से स्कूल नहीं आ रहे शिक्षकों पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस तरह के जिन शिक्षकों ने निगम के पत्र का जवाब नहीं भेजा है, उनको बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कुछ शिक्षकों ने खुद ही कार्य न करने की इच्छा जताई है, उनको भी हटाया जा रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था सुधारने के लिए इस तरह का सख्त कदम उठाना जरूरी है। शिक्षा विभाग के बाद निगम के अन्य विभागों से लंबे वक्त से गायब चल रहे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। शुरुआती जांच के बाद कार्रवाई के लिए 30 शिक्षकों को चिह्नित किया गया है।

ये शिक्षक शुरू में कुछ दिनों की छुट्टी लेकर गए थे। बाद में छुट्टियां बढ़ाने की अर्जी भेजते रहे। अर्जी अस्वीकार होने के बावजूद ये शिक्षण कार्य पर नहीं लौटे। सेवा नियमावली व डीएमसी विनियम 1959 के प्रविधानों के तहत इन शिक्षकों को काम पर लौटने का आखिरी मौका देते हुए निगम की तरफ से सर्विस बुक में लिखे इनके सभी पतों पर पत्र भेजे गए थे। सूत्रों के मुताबिक इनमें से छह शिक्षकों ने जवाब में त्यागपत्र भेजा है, क्योंकि वे कहीं दूसरी जगह सेवाएं देने लगे हैं।

पांच साल से अधिक समय से स्कूल नहीं आ रहे शिक्षकों पर कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार पत्र भेजकर सबको सेवा में लौटने का मौका दिया गया। जिन्होंने पत्र का जवाब नहीं दिया, उन्हें बर्खास्त किया जा रहा है। यह कार्रवाई शिक्षा विभाग से शुरू की गई है। जल्द ही अन्य विभागों में भी लंबे समय से गायब चल रहे कर्मचारियों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। - विकास आनंद, आयुक्त, पूर्वी दिल्ली नगर निगम

Edited By: Pradeep Chauhan