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    तीन हाई प्रोफाइल मामलों की जांच की आंच से दूर हैं आरोपी, एक कैप्टन अंशुमान की पत्नी तो दूसरा अमित शाह से जुड़ा केस

    Updated: Thu, 18 Jul 2024 06:30 AM (IST)

    दिल्ली पुलिस तीनों हाई प्रोफाइल मामलों के अंतिम नतीजों पर नहीं पहुंच पाई है। पहला मामला गृह मंत्री अमित का फेक वीडियो का मामला है। दूसरा बलिदान कैप्टन अंशुमान की वीरांगना से जुड़ा है। इसके अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के बारे में अभद्र टिप्पणी से जुड़ा है। इन तीनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है।

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    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कीर्ति चक्र से सम्मानित कैप्टन अंशुमान सिंह की वीरांगना।

    राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। हाल के महीनों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah Fake Video) के फेक वीडियो का मामला हो अथवा कीर्ति चक्र से सम्मानित कैप्टन अंशुमान सिंह की वीरांगना व राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के बारे में अभद्र टिप्पणी करने का मामला, उक्त तीनों हाई प्रोफाइल मामलों की जांच की आंच से आरोपी अभी तक दूर है।

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    इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट कर व टिप्पणी करने के मामले में शिकायत मिलने पर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) ने साइबर अपराधियों के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया है लेकिन किसी में भी पुलिस अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।

    अमित शाह का मामला

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फेक वीडियो मामले में आईएफएसओ की जांच कई माह से रूकी हुई है। इस मामले में तेलंगाना कांग्रेस के आईटी सेल के एक कार्यकर्ता को पुलिस ने लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया था।

    कुछ दिन बाद ही उसे जमानत मिल गई थी। मामले में शामिल पांच अन्य आरोपित की पहचान भी की कर ली गई है, लेकिन तेलंगाना हाई कोर्टद्वारा गिरफ्तारी पर रोक लगा देने से जांच अटकी पड़ी हुई है।

    बलिदान कैप्टन अंशुमान सिंह का मामला

    कीर्ति चक्र से सम्मानित कैप्टन अंशुमान सिंह की वीरांगना पर इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर की गई भद्दी व अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने पांच जुलाई को ही आईटी एक्ट की दो धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेकर पुलिस आयुक्त से कार्रवाई की मांग की थी।

    इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में पता चला है कि वीरांगना पर अभद्र टिप्पणी विदेश से किसी ने अपने फेसबुक पर की थी। उसका स्क्रीनशॉट लेकर देश में रह रहे एक शख्स ने भी उसे एक्स पर पोस्ट कर दिया था।

    पुलिस ने फेसबुक से अभद्र टिप्पणी करने वाले शख्स का आईपी पता बताने के लिए अनुरोध किया है, लेकिन फेसबुक से पुलिस को जानकारी नहीं मिल रही है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि फेसबुक से जानकारी मिलने के बाद ही जांच आगे बढ़ पाएगी।

    रेखा शर्मा का मामला

    उधर रेखा शर्मा मामले में भी पुलिस ने अब तक तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को पूछताछ के लिए नोटिस नहीं भेजा है। करीब दो सप्ताह पहले किसी ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में रेखा शर्मा को हाथरस के भगदड़ स्थल पर एक व्यक्ति के साथ पहुंचते हुए दिखाया था, जो उनके सिर पर छाता पकड़े हुए था। इसको लेकर एक पत्रकार ने जब मोइत्रा से पूछा कि रेखा शर्मा ने खुद छाता क्यों नहीं पकड़ा? इसपर मोइत्रा ने लिखा कि वह अपने बॉस का पाइजामा थामने में व्यस्त थीं।

    राष्ट्रीय महिला आयोग ने मोइत्रा द्वारा की गई इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी पर स्वत: संज्ञान लेने के बाद पुलिस में शिकायत कर दी थी। मुकदमा दर्ज हो जाने की जानकारी मिलने पर महुआ मोइत्रा ने बंगाल के नदिया जिले से दिल्ली पुलिस को वहां आकर गिरफ्तार करने की चुनौती दी थी। महुआ बंगाल में कृष्णा नगर से तृणमूल कांग्रेस की सांसद हैं।

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