DUSU चुनाव से पहले ABVP की ‘छात्र गर्जना’ रैली, हजारों छात्र हुए शामिल
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने एक विशाल छात्र गर्जना रैली का आयोजन किया। इस रैली में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पोर्टा केबिन हटाने छात्रवृत्ति बढ़ाने मनोवैज्ञानिक और स्त्री रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति प्लेसमेंट सेल बनाने जैसी मांगें रखीं। एबीवीपी नेताओं ने छात्रों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मंगलवार को उत्तर और दक्षिण दोनों परिसरों में एक साथ "छात्र गर्जना" रैली का आयोजन किया। इस रैली में हज़ारों छात्रों ने भाग लिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्र हितों से जुड़ी कई माँगें उठाईं।
रैली का नेतृत्व एबीवीपी नेताओं और संभावित उम्मीदवारों ने किया। रैली में उठाई गई मुख्य माँगों में विश्वविद्यालय को पोर्टा केबिन से मुक्त करना, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति, प्रत्येक कॉलेज में मनोवैज्ञानिक और स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति, एक केंद्रीकृत प्लेसमेंट सेल, छात्र और छात्राओं के लिए रियायती मेट्रो पास, छात्राओं के लिए एनसीसी सुविधा, अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए पूरक परीक्षा, स्नातक चतुर्थ वर्ष के छात्रों को फेलोशिप और छात्रावासों में शोषण रोकने के लिए एक समन्वय समिति का गठन शामिल था।
रैली में एबीवीपी के आठ संभावित उम्मीदवार आर्यन मान, भूमिका चौहान, दीपिका झा, ईशु मौर्य, कुणाल चौधरी, लक्ष्यराज सिंह, गोविंद तंवर और यश डबास शामिल हुए और प्रशासन से छात्रों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की। एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सोलंकी ने कहा, "एबीवीपी को दोनों परिसरों के छात्रों का भारी समर्थन मिला है।
विद्यार्थी परिषद साल के 365 दिन छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ती है और आज छात्रों ने एक बार फिर हम पर भरोसा जताया है। हमने डीयू प्रशासन से छात्रों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है।"
एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि यह रैली "डीयू के छात्रों की एकजुट आवाज़" को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढाँचे की कमी, छात्राओं के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ की अनुपलब्धता और शुद्ध पेयजल जैसी समस्याएँ गंभीर हैं और इनका तुरंत समाधान किया जाना चाहिए। एबीवीपी के संभावित उम्मीदवार बुधवार को नामांकन दाखिल करेंगे।
लोकतंत्र की दीवार पर दिखे पोस्टर
हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों का असर डूसू चुनाव में दिख रहा है। कहीं भी कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। लोकतंत्र की दीवार पर सिर्फ़ हस्तलिखित पोस्टर ही दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा, छात्र अपने नाम के कपड़े के पोस्टरों से ढकी कारों को परिसर में ला रहे हैं और इसे प्रचार के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। मंगलवार को एबीवीपी की रैली के दौरान भी ऐसे ही नज़ारे देखने को मिले।

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