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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राघव चड्ढा की जा सकती थी आंखों की रोशनी, यूके में हुई सर्जरी; आखिर किस बीमारी से जूझ रहे थे AAP सांसद

Published: Thu, 02 May 2024 07:55 PM (IST)

रेटिना डिटेचमेंट आंखों में होनेवाली एक गंभीर बीमारी है। अगर इसमें तत्काल सर्जरी नहीं की गई तो इससे आंखों की ...और पढ़ें

राघव चड्ढा की जा सकती थी आंखों की रोशनी, यूके में हुई सर्जरी।
राघव चड्ढा की जा सकती थी आंखों की रोशनी, यूके में हुई सर्जरी।

HighLights

  1. 'रेटिना डिटेचमेंट' नामक बीमारी थी, जो आंखों से संबंधित है
  2. तत्काल सर्जरी नहीं हुई तो इससे आंखों की रोशनी जा सकती है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सियासी हलचल काफी तेज है। एक तरफ सीएम अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में बंद हैं तो वहीं उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने चुनाव प्रचार का जिम्मा अपने हाथ में थाम लिया है। दिल्ली के बाद उन्होंने गुजरात में पार्टी के उम्मीदवारों के लिए रोड शो किया। इसी बीच राजनीतिक गलियारों में एक चर्चा काफी गरम हैं कि आखिर पार्टी के सबसे दिग्गज और युवा नेता राघव चड्ढा कहां हैं? 

दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि वह आंख संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं और इसका इलाज कराने के लिए वह ब्रिटेन में हैं। उन्होंने बताया था कि चड्ढा काफी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। यह बीमारी इतनी गंभीर थी कि उनकी आंखों की रोशनी तक जा सकती थी। इस कारण वह इन दिनों राजनीति में सक्रिय नहीं हैं। हालांकि उन्होंने चड्ढा के जल्द ठीक होने और चुनावी अभियान में शामिल होने की बात कही। 

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने आप सूत्रों के हवाले से बताया कि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को 'रेटिना डिटेचमेंट' नामक बीमारी थी, जो आंखों से संबंधित है। इसके लिए उन्होंने 'विट्रेक्टोमी आई सर्जरी' कराई है। वह इसी सिलसिले में ब्रिटेन में हैं।

आखिर क्या है 'रेटिना डिचेटमेंट'

'रेटिना डिटेचमेंट' आंखों में होनेवाली एक गंभीर बीमारी है। अगर इसमें तत्काल सर्जरी नहीं की गई तो इससे आंखों की रोशनी जा सकती है। इस बीमारी में रेटिना में छोटे छेद होने लगते हैं और यह तेजी से बढ़ता जाता है। रेटिना आंखों के पीछे मौजूद नाजुक परत होता है।

अगर समय रहते विट्रेक्टोमी सर्जरी नहीं कराई गई तो इससे इंसान अंधा तक हो सकता है। विट्रेक्टोमी सर्जरी के दौरान सर्जन विट्रियस को हटा देते हैं। विट्रियस एक जेल की तरह होता है जो आंखों और रेटिना के बीच के गैप को भरता है।

शार्प साईट आई अस्पताल के वरिष्ठ रेटिना एक्सपर्ट डॉ. सिद्धार्थ सैन से बातचीत में हमने विट्रेक्टॉमी के बारे में डिटेल से जानने की कोशिश की।

विट्रेक्टॉमी: यह क्या है, इसके लक्षण और कितना खतरनाक है?

विट्रेक्टॉमी, एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें आंख के अंदर मौजूद जेली जैसे पदार्थ, जिसे विट्रियस कहते हैं, को हटाया जाता है। यह सर्जरी विभिन्न कारणों से की जाती है, जैसे रेटिना में समस्या, आँख के पीछे रक्तस्त्राव, या अन्य आंख की बीमारियों के इलाज के लिए। आइए, विट्रेक्टॉमी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

विट्रेक्टॉमी की आवश्यकता कब होती है?

विट्रेक्टॉमी की आवश्यकता विभिन्न मामलों में होती है। इनमें से कुछ प्रमुख कारण हैं:

1. रेटिना डिटैचमेंट: अगर रेटिना अपनी जगह से हट जाती है या उसमें छेद हो जाता है, तो इसके कारण आंख की दृष्टि पर प्रभाव पड़ सकता है। इसे ठीक करने के लिए विट्रेक्टॉमी की आवश्यकता होती है।

2. विट्रियस हेमरेज: आँख के अंदर रक्तस्त्राव होने से विट्रियस में खून जमा हो सकता है, जिससे दृष्टि में धुंधलापन आ सकता है। इस स्थिति में, रक्त को हटाने के लिए विट्रेक्टॉमी की आवश्यकता हो सकती है।

3. मैकुलर होल: यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें रेटिना के केंद्र में एक छेद बन जाता है। यह दृष्टि को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है और इसे ठीक करने के लिए विट्रेक्टॉमी का सहारा लिया जाता है।

विट्रेक्टॉमी के संभावित खतरें

विट्रेक्टॉमी, हालांकि दृष्टि में सुधार लाने के लिए की जाती है, लेकिन इसके भी कुछ संभावित खतरें हैं:

1. संक्रमण का खतरा: किसी भी सर्जरी की तरह, विट्रेक्टॉमी में भी संक्रमण का खतरा होता है, खासकर आंख में। इसका इलाज करने के लिए डॉक्टरों को एंटीबायोटिक्स का सहारा लेना पड़ सकता है।

2. दृष्टि में बदलाव: विट्रेक्टॉमी के बाद कुछ मरीज़ों की दृष्टि में अस्थायी या स्थायी धुंधलापन हो सकता है। इसके अलावा, कुछ मामलों में दृष्टि का ह्रास भी हो सकता है।

3. रेटिना का पुनः डिटैचमेंट: अगर सर्जरी के बाद भी रेटिना पुनः अपनी जगह से हट जाती है, तो यह और भी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।

उपचार के बाद की देखभाल

विट्रेक्टॉमी के बाद, मरीजों को आँखों की देखभाल पर विशेष ध्यान देना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार, आंखों पर दबाव डालने वाली गतिविधियों से बचें और नियमित रूप से चेक-अप करवाएं।

विट्रेक्टॉमी एक महत्वपूर्ण सर्जरी है, जो आंख की कई बीमारियों के इलाज में मदद करती है। हालांकि, यह अपने साथ कुछ खतरें भी लाती है, जिनसे बचने के लिए उचित देखभाल और डॉक्टर की सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण है।

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