विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्‍ली की झुग्‍गियों में रहनेवालों को फ्लैट मिलने से पहले ही फंस गया पेंच, जानिए कहां है विवाद

By Prateek KumarEdited By:
Published: Thu, 14 Nov 2019 03:11 PM (IST)Updated: Thu, 14 Nov 2019 03:28 PM (IST)

केंद्र सरकार की ओर से डीडीए ने दिल्ली सरकार के तहत इस योजना पर काम कर रहे दिल्ली शहरी आश्रय ...और पढ़ें

दिल्‍ली की झुग्‍गियों में रहनेवालों को फ्लैट मिलने से पहले ही फंस गया पेंच, जानिए कहां है विवाद
दिल्‍ली की झुग्‍गियों में रहनेवालों को फ्लैट मिलने से पहले ही फंस गया पेंच, जानिए कहां है विवाद

नई दिल्ली [वी.के.शुक्ला]। अनधिकृत कॉलोनियों को लेकर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल ही रहा है, अब झुग्गियों को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से डीडीए ने दिल्ली सरकार के तहत इस योजना पर काम कर रहे दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) को झुग्गियों का सर्वे करने से रोक दिया है। डीडीए ने भेजे गए पत्र में कहा है कि डूसिब केंद्र सरकार के तहत आने वाली झुग्गियों का सर्वे न करे।

सर्वे रोकने से नाराज दिल्‍ली सरकार

इसे लेकर दिल्ली सरकार नाराज है। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के सदस्य विपिन राय ने कहा है कि फरवरी में उपराज्यपाल के यहां बैठक कराकर डीडीए ने ही यह काम डूसिब को करने के निर्देश दिलवाए थे। जिसके बाद सर्वे शुरू किया गया। इसके लिए टेंडर आदि प्रक्रिया पूरी कर सर्वे का काम शुरू किया गया था। काफी बस्तियां का सर्वे भी पूरा हो चुका है। मगर अब डीडीए की तरफ से काम रोकने के लिए कहा गया है। इस बारे में दिल्ली सरकार फैसला लेगी।

दिल्‍ली में कुल 675 झुग्‍गी बस्‍तियां

दिल्ली में 675 झुग्गी बस्तियां हैं। इनमें से 176 झुग्गी बस्तियां दिल्ली सरकार से संबंधित विभिन्न विभागों की जमीन पर बसी हैं। अन्य झुग्गी बस्तियां केंद्र सरकार की एजेंसियों के तहत हैं। जिसमें डीडीए और रेलवे की जमीन पर बसी झुग्गियों की संख्या भी अच्छी खासी हैं। झुग्गियों को लेकर दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच तनातनी रही है।

सीएम आवास योजना का मिल रहा लाभ

दिल्ली सरकार दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास योजना लागू करने से इन्कार कर चुकी है। इसके बाद दिल्ली सरकार सीएम आवास योजना लागू कर चुकी है। दिल्ली सरकार ने सभी झुग्गी वालों का सर्वे शुरू कराया है। यह सर्वे गरीबों को पक्का आवास मुहैया कराने के लिए किया जा रहा है। इसके तहत 300 से अधिक झुग्गी बस्तियों का सर्वे हो चुका है। इन में रहने वालों को जल्द ही सर्वेक्षण प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। योजना के तहत सूचीबद्ध कर जिन झुग्गी वालों को प्रमाण मिलेगा। उन्हीं को भविष्य में झुग्गी के बदले फ्लैट दिए जाएंगे।

दिल्‍ली-एनसीआर की खबरों को पढ़ने के लिए यहां करें क्‍लिक