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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Temple Demolish News: दिल्ली में आज तोड़ा जाएगा एक मंदिर, पढ़िये- आखिर क्यों मिली इसकी इजाजत

By Jp YadavEdited By:
Published: Mon, 04 Oct 2021 08:26 AM (IST)

Delhi Temple Demolish News भवन मालिक ने कोर्ट में याचिका दायर की थी उसमें कहा था कि वैश्विक महामारी कोरोना ...और पढ़ें

Delhi Temple Demolish News: दिल्ली में आज तोड़ा जाएगा एक मंदिर, पढ़िये- आखिर क्यों मिली इसकी इजाजत
Delhi Temple Demolish News: दिल्ली में आज तोड़ा जाएगा एक मंदिर, पढ़िये- आखिर क्यों मिली इसकी इजाजत

नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। दक्षिणी दिल्ली की डिफेंस कालोनी के पास फुटपाथ पर अवैध रूप से बने मंदिर को सोमवार को ध्वस्त किया जाएगा। दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को इस बारे में सूचित किया है। मंदिर तोड़े जाने के दौरान किसी तरह का कोई बवाल नहीं है, इसकी भी पूरी तैयारी की गई है। वहीं, मंदिर को तोड़ने के बाद इस मामले में अगली सुनवाई आगामी आठ अक्टूबर को होगी, जिसमें दिल्ली सरकार इस संबंध में जानकारी मुहैया करानी होगी।

यहां पर बता दें कि एक भवन मालिक ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, उसमें कहा था कि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान किसी ने भीष्म पितामह मार्ग पर फुटपाथ पर अवैध रूप से एक मंदिर का निर्माण कर लिया है, जिससे उनके भवन का रास्ता बाधित हो रहा है। उन्हें आवागमन में परेशानी हो रही है। याचिका में उन्होंने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की मांग की थी।

वहीं, इस पर सुनवाई कर रही दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी कर दिल्ली सरकार, डीसीपी (दक्षिणी जिला) से जवाब मांगा था। अधिकारियों को एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।

उधर, सुनवाई के दौरान इस पर दिल्ली सरकार और डीसीपी (दक्षिणी जिला) का पक्ष रख रहे अधिवक्ता अनुपम श्रीवास्तव ने पीठ से कहा कि अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति सचेत हैं और पहले ही उस स्थल पर अवैध निर्माण को सोमवार (चार अक्टूबर) को ध्वस्त करने की योजना बना चुके हैं। पुलिस इस कार्य में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। पीठ ने इस मामले में उस व्यक्ति को भी नोटिस जारी किया, जिसने यह अवैध निर्माण किया है। पिछले कुछ सालों के दौरान यह इस तरह का अलग मामला है, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट ने राह में बाधा बने मंदिर को तोड़ने की इजाजत दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दी गई है।