नई दिल्ली, जेएनएन। Unnao case: उन्नाव पीड़िता का अपहरण कर अलग-अलग जगहों पर उसके साथ नौ दिन तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया। सीबीआइ की तरफ से पेश आरोपपत्र में तीन लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य भी आरोपित हो सकते हैं। शुक्रवार को तीस हजारी कोर्ट के न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने नामजद तीन आरोपितों नरेश तिवारी, बृजेश यादव और शुभम सिंह को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न तीनों की जमानत रद कर दी जाए।

सीबीआइ के आरोपपत्र के मुताबिक पीड़िता का अपहरण 11 जून, 2017 को नहीं, बल्कि 12 जून, 2017 को किया गया था। पीड़िता उस वक्त नाबालिग थी और रात को अपने घर के बाहर पानी लेने के लिए आई थी। उसी दौरान शुभम सिंह और नरेश तिवारी ने तीन अन्य युवकों के साथ पीड़िता को उठा लिया और कार में लेकर फरार हो गए थे। कुछ दूर जाने के बाद सिंह और तिवारी ने पीड़िता के साथ कार में ही दुष्कर्म किया। इसके बाद कानपुर में उसे एक घर में लाया गया, जहां दो अन्य ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके दो दिन बाद पीड़िता को यादव के घर लाया गया और वहां दुष्कर्म किया गया। उसके दो-तीन दिन बाद औरैया जिले में रखा गया, जहां से पुलिस ने उसे बरामद किया था।

उन्नाव पीड़िता हत्या के मामले में शुक्रवार को तीस हजारी अदालत में सुनवाई हुई। एम्स के डॉक्टर ने बयान दर्ज कराया और जब उनसे जिरह शुरू हुई तो दो आरोपितों के वकीलों ने गलत सवाल किए। इस पर अदालत ने दो आरोपितों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया।

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