नई दिल्ली [राहुल मानव]। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के छात्रों ने सिंगल यूज (एकल उपयोग) प्लास्टिक के खिलाफ दिल्ली के पांच गावों में अभियान शुरू कर दिया है। वे ग्रामीणों को बता रहे हैं कि कागज और कपड़ों से बैग कैसे बनाए जाएं। छात्र नुक्कड़ नाटक व रैली के जरिये जागरूकता भी फैला रहे हैं। बुराड़ी के पास जगतपुर, झरोड़ा, मुकुंदपुर, पूर्वी दिल्ली के चौहान पट्टी गांव और बदरपुर खादर में यह अभियान शुरू किया गया है।

गांव के विकास के लिए

डीयू के सामाजिक कार्य विभाग की प्रमुख प्रो. नीरा अग्निमित्र ने बताया कि इन पांच गांवों को 2015-16 में मानव संसाधन विकास मंत्रलय के उन्नत भारत अभियान के तहत डीयू ने गोद लिया था। विश्वविद्यालय के छात्र तभी से वहां के लोगों को स्वच्छता को लेकर जागरूक कर रहे हैं। इन गांवों के लोग डेंगू व त्वचा की बीमारी की चपेट में भी आ जाते हैं। इन बीमारियों से कैसे बचाव करें, इसकी भी जानकारी उन्हें दी जा रही है।

कपड़े के बैग बनाने पर जोर

प्रो. नीरा डीयू की तरफ से उन्नत भारत अभियान की नोडल अधिकारी हैं। अब वह सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ इन गांवों के लोगों को कागज एवं कपड़ों के बैग का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, जिसमें सामाजिक कार्य विभाग के छात्र हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान पिछले हफ्ते से शुरू कर दिया गया है। हम गांवों में घर-घर जाकर प्लास्टिक की थैलियां व बैग इकट्ठा कर रहे हैं। अक्टूबर तक अभियान चलाएंगे। अभियान खत्म होने के बाद इस प्लास्टिक को रिसाइकल किया जाएगा।

सिखा रहे हैं कपड़े के बैग बनाना

प्रो. नीरा ने बताया कि गांवों की महिलाओं को पुराने कपड़ों से कपड़े के बैग तैयार करने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। उन्हें इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है कि कपड़े के बैग तैयार कर बाजार में बेचें। अब समय आ गया है कि हम कपड़े और कागज के बैग को चलन में लाएं। मंगलवार को पांचों गांवों के बच्चों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें उन्हें कागज के बैग तैयार करने के बारे में जानकारी दी गई।

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Posted By: Pooja Singh

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