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'दिल्ली की हवा बिगड़ने के पीछे पंजाब में पराली जलाने से उठता धुआं', सिरसा बोले- 4 दिन में AQI 60 से 350 पहुंचा

Published: Thu, 05 Nov 2026 11:57 AM (IST)

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार पर पराली जलाने के मामलों में लोगों को गुमराह करने ...और पढ़ें

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब की आप सरकार पर पराली जलाने के मामले में लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। पीटीआई

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब की आप सरकार पर पराली जलाने के मामले में लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। पीटीआई

HighLights

  1. सिरसा ने पंजाब सरकार पर पराली जलाने पर गुमराह करने का आरोप लगाया।

  2. दिल्ली का AQI चार दिन में 60 से 350 तक पहुंचा।

  3. पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर पराली जलाने के मामले में लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर दिल्ली की हवा पर पड़ रहा है। सिरसा के अनुसार, 30 अक्टूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 60 था, जो चार दिन में बढ़कर करीब 350 तक पहुंच गया।

पिछले वर्ष चार नवंबर को ऐसी 292 घटनाएं हुईं

सिरसा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह दावा गलत है कि राज्य में धान की कटाई शुरू नहीं हुई है। पंजाब सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वहां 77 प्रतिशत धान की कटाई पूरी हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि तीन नवंबर को पंजाब में पराली जलाने की 584 घटनाएं दर्ज की गईं, जो इस सीजन में एक दिन में सबसे अधिक हैं। पिछले वर्ष चार नवंबर को ऐसी 292 घटनाएं हुई थीं।

2196 घटनाएं, 494 एफआईआर दर्ज

सिरसा ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में अब तक पराली जलाने की 2196 घटनाएं दर्ज की गई हैं और 494 एफआइआर दर्ज हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार पराली जलाने की घटनाओं को कम करके दिखा रही है और 90 प्रतिशत कमी के दावे वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते।

पर्याप्त मशीनें उपलब्ध नहीं

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हैप्पी सीडर और बेलर जैसी मशीनों की खरीद के लिए पांच हजार करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन पंजाब सरकार किसानों को पर्याप्त मशीनें उपलब्ध नहीं करा पाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों पर कार्रवाई हो रही है, जबकि रोकथाम के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही।

सीएक्यूएम ने अधिकारियों को किया तलब

सिरसा ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने चार नवंबर को पंजाब के कई जिलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने में कथित नाकामी को लेकर तलब किया था। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी हवाओं के साथ पंजाब का धुआं दिल्ली पहुंच रहा है।

हवा की गुणवत्ता में अचानक गिरावट

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से किए गए उपायों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी में 220 दिन अपेक्षाकृत साफ हवा दर्ज की गई। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में किसी बड़े नए निर्माण कार्य, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग या प्रदूषणकारी वाहनों की आमद में ऐसी वृद्धि नहीं हुई, जो हवा की गुणवत्ता में अचानक गिरावट की वजह बन सके।

आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया

सिरसा ने बीएस-6 से नीचे के वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध से एनसीआर के लोगों को हो रही परेशानी के लिए खेद जताया। उन्होंने कहा कि यह कदम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है और पड़ोसी क्षेत्रों के लोगों से इसमें सहयोग करने की अपील की। पंजाब सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

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