CJP प्रदर्शन से दिल्ली में दुकानें बंद, खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन ने कहा- व्यावसायिक क्षेत्रों में बनाएं शांति
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन ने CJP के विरोध प्रदर्शन के कारण बाजार बंद रखने का निर्णय लिया, जिससे दुकानों को ...और पढ़ें

नई दिल्ली के चांदनी चौक के भागीरथ पैलेस बाजार में शनिवार को दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। पीटीआई
HighLights
खान मार्केट ने CJP प्रदर्शन के कारण दुकानें बंद कीं।
दुकानों को नुकसान और संपत्ति का डर था।
ट्रेडर्स एसोसिएशन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दिल्ली विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में कहा है कि उन्होंने खुद बाजार बंद रखने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि खान मार्केट उन पहले बाजारों में शामिल है, जो पास में प्रदर्शनकारियों को रोके जाने पर प्रभावित होते हैं। इससे दुकानों और संपत्ति को नुकसान पहुंचने का डर रहता है।
मेहरा ने कहा कि खान मार्केट, कनॉट प्लेस और साउथ एक्सटेंशन जैसे बाजारों में दुकानें बंद रहने पर भी किराया और वेतन जैसे ऊंचे खर्च जारी रहते हैं। एक दिन के बंद से प्रति दुकान 1 से 1.5 लाख रुपये का नुकसान हो सकता है। फल और किराने जैसी जल्दी खराब होने वाली वस्तुएं नुकसान को और बढ़ा देती हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने तरीके पर पुनर्विचार करें और व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों से दूर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें।
#WATCH | Delhi: On CJP's Delhi Protest, Khan Market Traders Association President Sanjiv Mehra says, "... we decided ourselves to keep it shut. Khan Market is among the first markets affected when protesters are stopped nearby, raising fears of damage to shops and property. Businesses in markets such as Khan Market, Connaught Place and South Extension face high costs, including rent and salaries, even when shops remain closed. A single day's closure can cause losses of Rs1–1.5 lakh per shop. Perishable goods, such as fruits and groceries, add to the losses. I urge political parties to review their approach and hold peaceful protests away from busy commercial areas..."
— ANI (@ANI) October 10, 2026
नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है...
अध्यक्ष संजीव कहते हैं, 'हमने इसे बंद रखने का फैसला खुद किया है। जब प्रदर्शनकारियों को पास में रोका जाता है, तो खान मार्केट सबसे पहले प्रभावित होने वाले बाजारों में से एक है, जिससे दुकानों और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है।'

उन्होंने कहा, 'खान मार्केट, कनॉट प्लेस और साउथ एक्सटेंशन जैसे बाजारों में व्यवसायों को दुकानें बंद रहने पर भी किराया और वेतन सहित भारी लागत का सामना करना पड़ता है। एक दिन के बंद से प्रति दुकान 1-1.5 लाख रुपये का नुकसान हो सकता है। फल और किराने का सामान जैसी नाशवान वस्तुएं नुकसान को और बढ़ा देती हैं। मैं आग्रह करता हूं कि राजनीतिक दल व्यावसायिक क्षेत्रों में शांति बनाएं।'

'हम नुकसान पहुंचने के डर से जोखिम नहीं लेना चाहते'
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृज गोपाल खोसला ने कहा, 'लगभग हर दिन हो रहे विरोध प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित हो रहा है; कारोबार चलाना, किराया देना और कर्मचारियों के खर्चों को पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है। खान मार्केट बंद है क्योंकि दुकानदार हिंसा या अपनी दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचने के डर से जोखिम नहीं लेना चाहते। प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि तनाव बढ़ सकता है और मार्केट एसोसिएशन ने दुकानें न खोलने का फैसला किया है।'
