विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जेएनयू लाइब्रेरी में तोड़फोड़ मामले में सख्ती, निष्कासित छात्रसंघ अध्यक्ष को 16 फरवरी तक हॉस्टल खाली करने का आदेश

Published: Sun, 15 Feb 2026 10:24 PM (IST)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने लाइब्रेरी तोड़फोड़ मामले में सख्त रुख अपनाया है। छात्र संघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा को 16 ...और पढ़ें

जेएनयू के साबरमती हॉस्टल में रहने वाली जेएनएसयू की अध्यक्ष अदिति मिश्रा को 16 फरवरी तक कमरा खाली करने का निर्देश दिया गया। फाइल फोटो

जेएनयू के साबरमती हॉस्टल में रहने वाली जेएनएसयू की अध्यक्ष अदिति मिश्रा को 16 फरवरी तक कमरा खाली करने का निर्देश दिया गया। फाइल फोटो

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने लाइब्रेरी में तोड़फोड़ के मामले में निष्कासित छात्र संघ पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जेएनयू के साबरमती हॉस्टल में रहने वाली जेएनएसयू की अध्यक्ष अदिति मिश्रा को 16 फरवरी तक कमरा खाली करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि तय समयसीमा तक कमरा खाली न करने पर कमरा नंबर 231 को सील कर दिया जाएगा।

चार पदाधिकारियों समेत पांच पर गिरी थी गाज 

गौरतलब है कि पिछले वर्ष 21 नवंबर को सेंट्रल लाइब्रेरी में कथित तोड़फोड़ की घटना के बाद चीफ प्राॅक्टर कार्यालय ने छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष के. गोपिका बाबू, महासचिव सुनील यादव, संयुक्त सचिव दानिश अली तथा पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित करने, जुर्माना लगाने और कैंपस से बाहर करने का आदेश जारी किया था। जांच में आठ अन्य छात्रों को भी दोषी पाया गया है।

फैसले पर पुनर्विचार की मांग

आदेश के बाद से परिसर में विरोध का माहौल बना हुआ है। कुछ स्कूलों में छात्रों ने हड़ताल की, जबकि निष्कासित पदाधिकारियों के समर्थन में छात्र राजनीति से जुड़े पूर्व प्रतिनिधि और शिक्षक संगठनों के सदस्य भी खुलकर सामने आए हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, छात्र पक्ष इसे कठोर कदम बताते हुए फैसले पर पुनर्विचार की मांग कर रहा है।

यह भी पढ़ें- जेएनयू छात्र संघ के सभी पदाधिकारी दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित, विश्वविद्यालय नियमों का बताया उल्लंघन

यह भी पढ़ें- JNU में छात्रों की हड़ताल, 'जेएनयू प्रशासन मुर्दाबाद' के नारों से गूंज उठा कॉलेज; क्या है मांग?

यह भी पढ़ें- जेएनयू परिसर में बिना चेकिंग गाड़ियों की एंट्री पर रोक, ANPR-CCTV कैमरे से रहेगी हर गतिविधि पर नजर

यह भी पढ़ें- लोकधुनों, गजलों और नाटकों से सजा जेएनयू का स्वर्ण जयंती समारोह, लुप्त होती बोलियों पर जताई गई चिंता