जेएनयू छात्र संघ के सभी पदाधिकारी दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित, विश्वविद्यालय नियमों का बताया उल्लंघन
जेएनयू प्रशासन ने छात्रसंघ के अध्यक्ष सहित चार पदाधिकारियों और एक पूर्व अध्यक्ष को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर ...और पढ़ें
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जएनयू छात्रसंघ के चारों पदाधिकारी दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित।

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रशासन ने जेएनयू छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) के चारों निर्वाचित पदाधिकारियों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव सहित पूर्व अध्यक्ष नितीश के खिलाफ दो सेमेस्टर के लिए रस्टिकेशन (निष्कासित) और ‘आउट ऑफ बाउंड्स’ का आदेश जारी किया है।
यह कार्रवाई डॉ. भीमराव आंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में लगाए गए निगरानी तंत्र के विरोध में हुए प्रदर्शन में शामिल रहने को लेकर की गई है। मुख्य प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन हुआ, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित हुआ और सुरक्षा व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हुई।
प्रशासन का तर्क है कि विश्वविद्यालय परिसर में शांति और अकादमिक अनुशासन बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वहीं, इस फैसले के बाद छात्रसंघ और विभिन्न छात्र संगठनों में असंतोष गहराता जा रहा है।
जेएनयूएसयू का आरोप है कि निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को निशाना बनाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। छात्र नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब छात्रसंघ यूजीसी प्रमोशन आफ इक्विटी रेगुलेशंस 2026 को लेकर व्यापक आंदोलन की तैयारी कर रहा था।
छात्र संगठनों का यह भी दावा है कि हाल के दिनों में हुए छात्र आंदोलनों और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद प्रशासन की सख्ती बढ़ी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से छात्रसंघ के आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
