जामिया में प्रदर्शन भले ही खत्म, लेकिन 2 FIR की जांच रहेगी जारी, छात्रों को राहत पर सांसदों पर लटकी तलवार
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी दो FIR की जांच जारी रहेगी, जिनमें कांग्रेस के दो ...और पढ़ें

जामिया मामले में दर्ज एफआईआर पर जांच जारी रहेगी। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 18 दिन से जारी प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी मामले में दर्ज दो एफआईआर की जांच जारी रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर जामिया नगर थाना पुलिस की ओर से दर्ज की गई दो अलग-अलग प्राथमिकी में जांच की जाएगी।
इनमें कांग्रेस के दो सांसदों समेत अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सामने आई गतिविधियों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। पुलिस बाहरी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
दो एफआईआर में बाहरी लोगों की भूमिका की जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग शिकायतें मिली थीं। इनके आधार पर दो प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।
एक मामले में कांग्रेस के दो सांसदों की भूमिका को लेकर शिकायत की गई है, जबकि दूसरे मामले में अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस दोनों मामलों में शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
तोड़फोड़ करने वालों पर कार्रवाई की मांग
उधर, विश्वविद्यालय के दो हजार से अधिक शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में परिसर की दीवारों पर देशविरोधी नारे लिखने और गेट समेत अन्य बुनियादी ढांचे में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान हुई ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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