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    रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार के लिए जया जेटली सहित तीन दोषी करार

    By JagranEdited By:
    Updated: Sat, 25 Jul 2020 09:58 PM (IST)

    जागरण संवाददाता नई दिल्ली समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली सहित दो अन्य को रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार के लिए दोषी करार दिया है। दो दशक पहले एक स्टिग ऑप्रेशन में इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ था। सीबीआइ की विशेष अदालत ने दोषी करार देने के बाद 29 जुलाई को सजा पर बहस तय की है। साल 2001 में Þऑपरेशन वेस्ट एंडÞ नाम से एक स्टिग ऑप्रेश

    रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार के लिए जया जेटली सहित तीन दोषी करार

    -सीबीआइ की विशेष अदालत का फैसला, 29 को होगी सजा पर बहस

    -दो दशक पहले एक स्टिग ऑपरेशन में हुआ था भ्रष्टाचार का पर्दाफाश

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली

    समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली सहित दो अन्य को सीबीआइ की विशेष अदालत ने रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार के लिए दोषी करार दिया है। दो दशक पहले एक स्टिग ऑपरेशन में इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ था। सीबीआइ की विशेष अदालत ने दोषी करार देने के बाद 29 जुलाई को सजा पर बहस तय की है।

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    साल 2001 में 'ऑपरेशन वेस्ट एंड' नाम से एक स्टिग ऑपरेशन हुआ था। रक्षा खरीद में भ्रष्टाचार को दिखाने के लिए 2000-2001 में एक वेबसाइट ने यह स्टिग किया था। रक्षा मंत्रालय से जुड़े कई अधिकारियों और नेताओं पर स्टिग करने के बाद मार्च 2001 में इसे कई किस्तों में प्रसारित किया गया था। इस मामले में चार लोग के खिलाफ सीबीआइ ने केस दर्ज किया था। इनमें जया जेटली, तत्कालीन मेजर जनरल एसपी मुरगई, गोपाल के. पचेरवाल और सुरेंद्र कुमार सुरेखा को आरोपित बनाया गया था। सीबीआइ ने 2006 में जेटली और अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। आरोपपत्र के अनुसार जया जेटली ने 2000-01 में मुरगई, सुरेंद्र कुमार सुरेखा और पचेरवाल के साथ आपराधिक साजिश रची और खुद या किसी अन्य व्यक्ति के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत ली। यह रकम काल्पनिक फर्म मेसर्स वेस्टेंड इंटरनेशनल लंदन के प्रतिनिधि मैथ्यू सैमुअल से ली गई थी। असल में मैथ्यू सैमुअल स्टिग करने वाली एजेंसी से संबंधित था। उन्होंने कुछ रक्षा उपकरणों जैसे हैंड हेल्ड थर्मल कैमरा (एचएचटीसी) के लिए रक्षा मंत्रालय से आपूर्ति आदेश प्राप्त करने के लिए यह सब किया, ताकि रक्षा मंत्रालय में तैनात लोक सेवकों पर प्रभाव पड़ सके। आरोपपत्र में यह भी कहा गया था कि मुरगई को उनकी सेवा के लिए कई भुगतान किए गए थे और मामले में उनकी सहायता के लिए सुरेखा को एक लाख रुपये का भुगतान किया गया था। सीबीआइ का आरोप था कि पहले हुए कई रक्षा सौदों में इन आरोपितों का हाथ रहा है। सुरेखा बाद में सरकारी गवाह बन गए। लिहाजा अदालत ने जया जेटली, एसपी मुरगई और गोपाल पचेरवाल को दोषी करार दिया है। मुरगई को पिछले साल सितंबर में इसी स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े अन्य मामले में तीन साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।