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हवा में कलाबाजी करते हुए नहीं, अब वर्चुअल कॉकपिट में होगी पायलटों की तैयारी; क्या है एयरबस का डिजिटल प्लेटफॉर्म?

Published: Wed, 04 Nov 2026 08:17 AM (IST)

भारतीय विमानन क्षेत्र में पायलट प्रशिक्षण को आधुनिक बनाने के लिए इंडिगो ने एयरबस स्काइवाइज के A320 वर्चुअल प्रोसीजर ट्रेनर ...और पढ़ें

अब पायलटों के प्रशिक्षण का तरीका भी बदलने जा रहा है। एआई इमेज

अब पायलटों के प्रशिक्षण का तरीका भी बदलने जा रहा है। एआई इमेज

HighLights

  1. इंडिगो ने एयरबस स्काइवाइज का A320 VPT अपनाया।

  2. असामान्य और आपातकालीन स्थितियों के लिए पायलट प्रशिक्षण।

  3. यह तकनीक अनिवार्य सिम्युलेटर प्रशिक्षण का पूरक है।

गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। भारतीय विमानन क्षेत्र में तेजी से बढ़ते विमानों के बेड़े और हवाई यात्रियों की संख्या के बीच अब पायलटों के प्रशिक्षण का तरीका भी बदलने जा रहा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी में शुमार इंडिगो ने पायलटों को असामान्य और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास कराने के लिए डिजिटल तकनीक अपनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

ऐसे ट्रेनिंग देने वाली इंडिगो बनी पहली कंपनी 

एयरलाइन ने एयरबस के डिजिटल प्लेटफाॅर्म स्काइवाइज के साथ ए320 वर्चुअल प्राेसीजर ट्रेनर (वीपीटी) को लेकर समझौता किया है। कंपनी के मुताबिक, इसके साथ ही इंडिगो दुनिया की पहली एयरलाइन बन गई है, जिसने वीपीटी के असामान्य और आपातकालीन प्रक्रियाओं वाले पैकेज को अपनाया है।

ट्रेनिंग सिस्टम को करेंगे मजबूत

दरअसल, भारतीय विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा अब केवल विमानों की संख्या, टिकटों की कीमत और नए उड़ान मार्गों तक सीमित नहीं रह गई है। परिचालन क्षमता, पायलटों की उपलब्धता और सुरक्षा प्रशिक्षण भी एयरलाइनों की रणनीति का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। भारतीय एयरलाइनों ने सैकड़ों नए विमानों के ऑर्डर दिए हैं। इनके बेड़े में शामिल होने के साथ बड़ी संख्या में प्रशिक्षित पायलटों की जरूरत होगी। ऐसे में प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना बड़ी चुनौती है।

सिम्युलेटर प्रशिक्षण का विकल्प नहीं

वीपीटी इसी चुनौती से निपटने में मददगार हो सकता है। इसके माध्यम से पायलट वर्चुअल काकपिट में विमान के विभिन्न कंट्रोल, स्विच और प्रक्रियाओं का अभ्यास कर सकेंगे। खासतौर पर तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं को बार-बार दोहराने का अवसर मिलेगा। इससे वास्तविक फ्लाइट सिम्युलेटर में प्रशिक्षण के समय का अधिक प्रभावी इस्तेमाल संभव हो सकेगा। हालांकि, यह तकनीक अनिवार्य सिम्युलेटर प्रशिक्षण का विकल्प नहीं, बल्कि उसका पूरक है।

ट्रेनिंग के मोर्चे पर एअर इंडिया और अकासा की भी तैयारी

पायलट प्रशिक्षण के क्षेत्र में एअर इंडिया और अकासा एयर भी बड़े निवेश कर रही हैं। एअर इंडिया ने एयरबस के साथ साझेदारी में गुरुग्राम में अत्याधुनिक पायलट प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया है। यहां ए320 और ए350 विमानों के लिए कुल 10 फुल फ्लाइट सिम्युलेटर लगाए जाने हैं।

फिलहाल, दो ए320 सिम्युलेटर चालू हैं। वहीं, अकासा एयर ने बोइंग 737 मैक्स विमानों के पायलटों के प्रशिक्षण के लिए कनाडा की कंपनी सीएई के साथ 15 साल का समझौता किया है। इसके तहत अकासा के पायलट भारत स्थित सीएई केंद्रों में आधुनिक फुल फ्लाइट सिम्युलेटर के जरिये प्रशिक्षण लेंगे।

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