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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

श्रीश्री के कार्यक्रम पर NGT की फटकार, सुनवाई जारी

By Amit MishraEdited By:
Published: Tue, 08 Mar 2016 03:29 PM (IST)Updated: Wed, 09 Mar 2016 01:56 PM (IST)

दिल्ली में यमुना तट पर होने वाले श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम पर उठे विवाद को लेकर एनजीटी में सुनवाई ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना तट पर होने वाले श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम पर उठे विवाद को लेकर एनजीटी में सुनवाई बुधवार यानी आज भी जारी है। कार्यक्रम को लेकर हुई सुुनवाई में मंगलवार को एनजीटी ने डीडीए को कड़ी फटकार लगाई थी। यमुना किनारे मलबा इकट्ठा होने को लेकर एनजीटी के सवाल पर डीडीए ने कहा कि उन्हें मलबे से जुड़ी जानकारी नहीं है। इसपर एनजीटी ने कहा कि डीडीए खुद को बचाने की कोशिश कर रही है।

NGT ने रविशंकर के होने वाले कार्यक्रम को लेकर DDA को लगाई फटकार

एनजीटी ने डीडीए से पूछा कि आपके द्वारा तय की गई शर्तों पर क्या आयोजन हो रहा है। इस पर डीडीए ने कहा कि केवल करीब 24 हेक्टेयर जमीन के लिए आयोजन के इस्तेमाल की इजाजत दी गई है।

नहीं तोड़े गए नियम

श्री श्री रविशंकर ने कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद कहा है कि डीडीए ने कोर्ट को यह बताया है कि आर्ट ऑफ लिविंग की तरफ से आयोजित हो रहे कार्यक्रम को लेकर किसी तरह का नियम नहीं तोड़ा गया है।

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श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम में नहीं जाएंगे राष्ट्रपति

आज हुई सुनवाई के दौरान एनजीटी ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय से पूछा कि क्या सरकार के पास यमुना नदी को बचाने की कोई योजना है और श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम को लेकर पर्यावरणीय प्रभाव अध्ययन किया गया है। पुल बनाने को लेकर भी एनजीटी ने पूछा कि क्या निर्माण से पहले किसी तरह की अनुमति ली गई थी।इस बीच मंत्रायल की तरफ से कहा गया है कि बुधवार को होने वाली सुनवाई के दौरान वह कोर्ट द्वारा किए गए सवालों का जवाब देगा।

विश्व संस्कृति महोत्सव स्थल का फिर से हो निरीक्षण : एनजीटी

एनजीटी ने उत्तर प्रदेश सरकार जल संसाधन विभाग से पूछा कि आप ऐसा कैसे कह सकते हैं कि पर्यावरण को इस आयोजन से नुकसान नहीं पहुंच रहा है, जबकि इस आयोजन की सुरक्षा में एक हजार सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। विभाग ने कहा था कि ये मानसून सीजन नहीं है लिहाजा ऐसे आयोजनों की अनुमति दी जा सकती है।

सुनवाई के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग की तरफ से कहा गया कि कार्यक्रम में दो से तीन लाख लोगों के आने की संभावना है जबकि प्रचार किया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में 35 लाख लोग आएंगे।

पटरियों पर गंदगी को लेकर एनजीटी ने रेलवे को लगाई फटकार

श्री श्री रविशंकर की संस्था वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल का आयोजन आर्ट आफ लिविंग ने अपनी स्थापना के 35 वर्ष पूरा होने के अवसर पर किया है। लेकिन पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर एनजीटी ने सख्त रुख दिखाया है।

यमुना को गंदा करना मकसद नहीं

श्रीश्री रविशंकर ने कहा है कि सब कुछ कानून के मुताबिक ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका मकसद यमुना को गंदा करना नहीं बल्कि यमुना की सफ़ाई है। आर्ट ऑफ लिविंग यमुना नदी को साफ करने में सबसे आगे है। कार्यक्रम का मकसद नदी को साफ करना है, गंदा करना नहीं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को निगेटिव बोलने की अादत है।

हम पॉजिटिव लेकर अाएंगे। हम यमुना को स्वच्छ रखना चाहते हैं। जहां तक हमें जानकारी है इस कार्यक्रम में एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा। हम पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के बाद हम यहां पर एक खूबसूरत जैव-विविधता पार्क को छोड़कर जाएंगे।