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हौजरानी अग्निकांड: तीसरी मंजिल से कूदकर उज्बेकिस्तानी ने बचाई जान, सुनाई भयावह मंजर की आपबीती

Published: Sat, 06 Jun 2026 07:27 AM (IST)

दक्षिणी दिल्ली के हौजरानी अग्निकांड में उज्बेकिस्तान के इख्तियार ने तीसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई, जबकि उनकी पत्नी और ...और पढ़ें

घटनास्थल पर अपना सामान लेने पहुंचे हौजरानी अग्निकांड के दौरान तीसरी मंजिल से कूदने में घायल हुए उज्बेकिस्तान निवासी इख्तियार, साथ में पत्नी शाहिदा व बेटा समुद्र। विपिन शर्मा

घटनास्थल पर अपना सामान लेने पहुंचे हौजरानी अग्निकांड के दौरान तीसरी मंजिल से कूदने में घायल हुए उज्बेकिस्तान निवासी इख्तियार, साथ में पत्नी शाहिदा व बेटा समुद्र। विपिन शर्मा

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संक्षेप में पढ़ें

मुहम्मद रईस, दक्षिणी दिल्ली। जब आग लगी उस समय मैं तीसरी मंजिल पर अपने कमरे में सो रहा था। शोर सुनकर नींद खुली। दरवाजे के नीचे से धुआं अंदर आ रहा था। दरवाजा खोला तो हर तरफ धुआं था, कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।

बताया कि खिड़की के पास पहुंचा तो बगल के रूम में रहने वालों को नीचे कूदते देखा। नीचे होटल के बगल की गली में किसी ने गद्दे बिछा दिए थे। सबकुछ इतनी तेजी से हो रहा था कि कपड़े पहनने तक का समय नहीं मिला। खिड़की का शीशा तोड़ा और तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना को याद करते हुए यह बातें उज्बेकिस्तान के इख्तियार ने साझा कीं।

शुक्रवार को वह पत्नी शाहिदा व बेटे समुद्र के साथ अपना सामान लेने घटनास्थल पर पहुंचे थे। ऊपर से कूदने में उनके बायें हाथ में फ्रैक्चर आ गया है।

इख्तियार बताते हैं कि बेटे का मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के समय पत्नी बेटे के पास अस्पताल में ही थीं। घटनास्थल पर शुक्रवार को तीसरे दिन कई पीड़ित परिवार पहुंचे। होटल से निकाले गए सामान के बीच लोग अपना लगेज और जरूरी दस्तावेज तलाशते नजर आए।

बाल्टी से शीशा तोड़ा, दो लोगों को बचाकर नीचे कूदा

दो लोगों की जान बचाकर सुरक्षित बाहर निकलने वाले राज ने भी उस भयानक दृश्य को बयान किया। राज होटल फ्लोरिश स्टे में ही रूम सर्विस ब्वाय के रूप में काम करते हैं। राज बताते हैं आग लगने की शुरुआत बेसमेंट से हुई। उनके मुताबिक इलेक्ट्रिक वायर में शार्ट सर्किट हुआ। फिर एसी के पास कुछ फटने की आवाज आई।

बताया कि मैं उस समय ग्राउंड फ्लोर पर रेस्त्रां के साथ वाले रूम को सेट कर रहा था। सामने सोफे पर नेपाल के तरुण बैठे थे। उनकी माता का मैक्स में उपचार चल रहा है। वह पहली मंजिल पर थीं।

आग लगी तो सहकर्मी रोहित और मैं ऊपर भागे और लोगों को जगाने की कोशिश की। एक ही कमरे का दरवाजा खुला, जिसमें दो लोग थे। बाकियों ने दरवाजा खोला ही नहीं कि नीचे कुछ हुआ होगा। फिर मैं और रोहित नीचे आए। जिस रूम को सेट कर रहे थे उसी में नेपाली गेस्ट तरुण के साथ घुस गए।

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बताया कि थोड़ी देर बाद हम तीनों पहली मंजिल पर भागे। तब तक धुएं से रोहित बेसुध हो गया। हम वाशरूम में भागे। वहां रखी बाल्टी ली और गली की तरफ एक कमरे की खिड़की का शीशा तोड़ा। फिर रोहित को होश में लाए और नीचे कूदने को कहा। वह कूदा पर खिड़की में पैर फंस गया।

नीचे गिरने पर वह खुद को संभाल नहीं पाया। उसका सिर फट गया। हाथ में फ्रैक्चर आया और पैर शीशे से जख्मी हो गया। उसके पीछे तरुण कूदे। दोनों को सुरक्षित निकालने के बाद अंत में मैं नीचे कूद गया। बाद में पता चला कि आग से तरुण की मां को भी सुरक्षित बचा लिया गया था।

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