विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मौत का जाल: 2 होटलों की सीढ़ी एक, दिल्ली में खूब उड़ रही नियमों की धज्जियां; बड़े हादसे का खतरा

Published: Sat, 06 Jun 2026 07:18 AM (IST)

दिल्ली के पहाड़गंज में कई होटल सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं, जहाँ आपातकालीन निकास और अग्नि सुरक्षा की गंभीर कमी है।

दो होटलों की एक सीढ़ी। जागरण

दो होटलों की एक सीढ़ी। जागरण

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। दिल्ली में पहाड़गंज के मुख्य मार्ग पर होटल गाड इन और शिवा में प्रवेश के लिए एक ही संकरी सीढ़ी है, जिसके सहारे करीब 50 कमरों का दोनों होटल पहले व दूसरे तल पर संचालित होता है।

यह संकरी सीढ़ी कुछ इस तरह खतरनाक तरीके से बनी है कि अगर कोई आपात स्थिति बन जाए तो लोग नीचे उतरते वक्त नीचे गिर जाएं। अंदर होटल का गलियारा भी काफी संकरा है, जिसके दोनों ओर कमरे हैं। यह जानकर हैरत होगी कि दोनों होटल दिल्ली पर्यटन विभाग में बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) योजना में संचालित है।

होटल में 26 कमरे

होटल गाड इन का रिसेप्शनिस्ट बताता है कि उसके होटल में 26 कमरे हैं, जबकि पीछे दीवार पर बीएंडबी के चस्पे कागज में छह कमरों की ही जानकारी है। फिलहाल दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने उससे आकर कहा है कि अभी केवल छह कमरों में ही बुकिंग करनी है। माहौल ठीक नहीं है, इसलिए होटल शिवा को बंद करा दिया गया है।

hotel

पहाड़गंज में ऐसे होटलों की संख्या करीब 100

यह भयावह स्थिति बताने के लिए काफी है कि शासन-प्रशासन पर भरोसा कर दिल्ली आने वाले पर्यटकों के लिए ये होटल किस तरह से लाक्षागृह साबित हो रहे हैं। मामले के जानकार बताते हैं कि अकेले पहाड़गंज में ऐसे होटलों की संख्या करीब 100 होगी, जिसमें सारे नियम कायदे ताक पर रख दिए गए हैं।

इसी तरह, पहाड़गंज में डोरमेट्री भी संचालित हो रही है, जिसके लिए दिल्ली में फिलहाल कोई दिशानिर्देश नहीं है। होटल गंज के नाम से मशहूर पहाड़गंज समेत करोल बाग में बाकी स्वीकृत होटल्स व गेस्ट हाउस की भी स्थिति कुछ खास ठीक नहीं है।

गेस्ट हाउस व बीएंडबी संकरी गलियों में हो रहे संचालित 

वर्ष 2019 में करोल बाग के होटल अर्पित में अग्निकांड के बाद भले ही अग्निशमन आपात सेवा को अनिवार्य कर दिया गया हो पर कई होटलों के आपात पंप खराब मिले तो कहीं पर आग बुझाने के यंत्र अवधि पूरी हो चुकी थी। ऊपर से अधिकांश होटल, गेस्ट हाउस व बीएंडबी संकरी गलियों में संचालित हो रहे हैं, जिसमें पैदल चलना भी काफी मुश्किल है।

वहीं, ऐसे में आपात स्थिति में बचाव अभियान को चलाना काफी दुरुह होगा। वहीं ऊपर से लटकते बिजली, इंटरनेट व केबल तार बड़ा खतरा पैदा करते हैं। कई होटलों का निर्माण मानकों के विपरित हुआ है, जिसमें सड़कों को भी कब्जे में ले लिया गया है। फुटपाथ तो गायब ही है।

यह भी पढ़ें- मालवीय नगर अग्निकांड: होटल मालिक का 'बांग्लादेशी' कनेक्शन, देश को खतरे में डालने के लिए जा चुका है जेल

यह भी पढ़ें- मालवीय नगर अग्निकांड: लापरवाही से अव्यवस्था तक... दिल्ली पुलिस व अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट में कई खुलासे

इस बीच शुक्रवार को भी पुलिस, एमसीडी व अग्निशमन सेवा के अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने कई होटल व रेस्त्रां में जांच की और कमियां पाए जाने पर नोटिस देने व सील करने की कार्रवाई की।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।