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Goa Fire Incident: नियमों की अनदेखी से गई चार लोगों की जान, पीड़ित परिजनों ने गोवा प्रशासन को ठहराया दोषी

Published: Sat, 13 Dec 2025 11:56 PM (IST)

गोवा में हुए अग्निकांड के बाद भी कार्रवाई अधूरी है। मृतकों के परिजनों ने गोवा प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर ...और पढ़ें

गोवा के नाइट क्लब में आग लगने से एख ही परिवार के चार लोगों की हुई थी दर्दनाक मौत।

गोवा के नाइट क्लब में आग लगने से एख ही परिवार के चार लोगों की हुई थी दर्दनाक मौत।

HighLights

  1. अग्निकांड के बाद भी अधूरी कार्रवाई से नाराज़ परिजन

  2. मृतकों के परिवारों ने गोवा प्रशासन पर लगाए आरोप

  3. पीड़ितों को न्याय मिलने में हो रही है देरी

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। गोवा के नाइट क्लब में एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। मृतकों के परिवार ने इस हादसे के लिए क्लब के मालिक के साथ ही गाेवा के अधिकारियों को दोषी बताया है। उनका कहना है कि अधिकारियों को मालूम था कि क्लब संचालक के पास फायर एनओसी नहीं है।

निमयों की धज्जियां उड़ाते हुए क्लब के अंदर अतिक्रमण किया हुआ था। आपातकालीन द्वार नहीं था। आरोप लगाया कि हादसे के कई दिन गुजर जाने के बाद भी गोवा की पुलिस मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। हादसे में वीरेंद्र कुमार, इनकी भाभी कमला जोशी, साली सरोज व अनीता की मौत हो गई थी। विनोद की पत्नी भावना जोशी जीवित बची थी।

नहीं भूल सकती वह खौफनाक मंजर

भावना जोशी ने कहा कि वह इस खौफनाक मंजर को भूल नहीं सकती हैं। वह अपने पति व तीनों बहनों की जान बचाने के लिए चिल्ला रही थी। कोई मदद करने वाला नहीं था। कुछ ही देर में क्लब आग का गोला बन गया था। उन्होंने कहा कि इस हादसे के लिए गोवा के अधिकारी बहुत जिम्मेदार है।

उन्हें पता था क्लब में नियमों का उल्लंघन हो रहा है। इसके बाद भी उन्होंने क्लब चलने दिया। वहां आग से निपटने के इंतजाम होते थे उनके परिवार के चारों लोग जीवित होते। उन्होंने कहा कि उनकी बहन कमला जोशी के दो बच्चे हैं, बहन की मौत के बाद बच्चों की जिम्मेदारी वही उठा रही हैं।

कमला के पति नीरज ने कहा कि सरकार जो सहायता राशि उनके परिवार को दे रही है। वह उससे संतुष्ट नहीं है। गाेवा की पुलिस उनके परिवार के सदस्यों को बार-बार फोन करके हादसे के बारे में पूछती रहती है। हादसे से परिवार पूरी तरह से टूट चुका है।