'झंडे अलग, तरीका एक...' सोनम वांगचुक की पत्नी का BJP-कांग्रेस पर हमला, बोलीं- राजनीति की भाषा बदलनी होगी
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर असहमति रखने वालों को बदनाम ...और पढ़ें

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि का BJP-कांग्रेस पर निशाना। फाइल फोटो
HighLights
गीतांजलि आंगमो ने भाजपा-कांग्रेस पर समान रणनीति का आरोप लगाया।
असहमति रखने वालों को बदनाम करने का चलन बताया।
राजनीति में सत्ता नहीं, कार्यशैली बदलने की जरूरत।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारत की राजनीति में असहमति रखने वालों को बदनाम करने का चलन सभी दलों में समान रूप से देखने को मिलता है।
गीतांजलि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि जब सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया था, तब भाजपा आईटी सेल ने उन्हें "राष्ट्रविरोधी", "चीनी एजेंट" और "विदेशी फंडिंग से जुड़े" जैसे तमाम आरोपों से घेरने की कोशिश की। वहीं अब कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बाद उन्हें "संघी", "आरएसएस समर्थक" और "भाजपा का एजेंट" कहा जा रहा है।
उन्होंने लिखा, "झंडे भले अलग हों, लेकिन तरीका एक ही है। यह सोच हमारी पूरी राजनीतिक संस्कृति में गहराई तक फैल चुकी है।"
'सिर्फ सरकार बदलने से नहीं बदलेगी राजनीति'
गीतांजलि ने कहा कि देश को केवल सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि राजनीति की कार्यशैली बदलने की जरूरत है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में असहमति का जवाब संवाद से दिया जाना चाहिए, न कि लोगों को देशभक्ति के प्रमाणपत्र बांटकर या राजनीतिक खेमों में बांटकर।
उन्होंने कहा कि देशभक्ति का पैमाना किसी राजनीतिक दल से जुड़ाव नहीं, बल्कि ईमानदारी और सच के प्रति प्रतिबद्धता होना चाहिए।
When @Wangchuk66 was detained, the BJP IT cell called us anti-national, Chinese agents, foreign-funded, and every other label they could manufacture.
— Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) July 27, 2026
Today, because we called the Congress' protest at PM's residence insincere, Congress trolls are calling us Sanghis, RSS and BJP…
राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर भी उठाए थे सवाल
इससे पहले भी गीतांजलि आंगमो कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में 21 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठा चुकी हैं। उन्होंने इसे "ईमानदार विरोध" नहीं बताया था।
एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि यदि कांग्रेस वास्तव में इस मुद्दे को लेकर गंभीर होती तो उसे जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के साथ खड़ा होना चाहिए था। उनके अनुसार, केवल प्रतीकात्मक विरोध से जनता को अब प्रभावित नहीं किया जा सकता क्योंकि देश का मतदाता पहले से ज्यादा जागरूक हो चुका है।
