त्योहारों से ठीक पहले हवाई सफर महंगा, IndiGO ने बढ़ाया किराया; जल्द ही बाकी एयरलाइंस भी बढ़ाएंगी
इंडिगो ने एटीएफ की बढ़ती कीमतों के चलते 6 अक्टूबर से अपनी उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ाया है, जिससे त्योहारी ...और पढ़ें

इंडिगो एयरलाइन्स ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज। फोटो: आर्काइव
HighLights
इंडिगो ने 6 अक्टूबर से फ्यूल चार्ज बढ़ाया
एटीएफ की बढ़ती कीमतों का असर पड़ा
अन्य एयरलाइंस भी किराया बढ़ा सकती हैं
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। त्योहारी सीजन और आगामी छुट्टियों के सफर से ठीक पहले देश में हवाई यात्रा करना और महंगा हो गया है।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने छह अक्टूबर से अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल चार्ज (ईंधन शुल्क) में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है।
विमान ईंधन (एटीएफ, एविएशन टरबाइन फ्यूल) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव को इस फैसले का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
16 रुपये प्रति लीटर बढ़ी ATF की दर
तेल विपणन कंपनियों ने 1 अक्टूबर को एटीएफ की कीमतों में करीब 13.2 प्रतिशत (16 रुपये प्रति लीटर) का बड़ा इजाफा किया था, जिससे जेट फ्यूल की कीमत बढ़कर 137 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई। पिछले तीन महीनों से एटीएफ की दरों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
चूंकि एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च (ऑपरेटिंग काॅस्ट) में अकेले जेट फ्यूल की हिस्सेदारी 40 से 45 फीसद तक होती है, इसलिए ईंधन के दाम में 14 प्रतिशत तक के उछाल ने विमानन कंपनियों के मार्जिन पर भारी दबाव बना दिया था।
इंडिगो के नए किराए के अनुसार, दूरी के हिसाब से टिकटों पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज वसूला जाएगा।
घरेलू उड़ानों पर बढ़ेगा इतना फ्यूल चार्ज
| सफर की दूरी | अतिरिक्त फ्यूल चार्ज |
|---|---|
| 500 किमी तक | ₹375 |
| 501 से 1,000 किमी | ₹600 |
| 1,001 से 1,500 किमी | ₹900 |
| 1,501 से 2,000 किमी | ₹1,150 |
| 2,000 किमी से अधिक | ₹1,300 तक |
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर होगी इतनी बढ़ोतरी
| अंतरराष्ट्रीय रूट | अतिरिक्त चार्ज |
|---|---|
| सार्क देशों की उड़ानें | ₹1,000 से ₹3,000 |
| खाड़ी देश | ₹500 से ₹1,000 |
| दक्षिण-पूर्व एशिया | ₹500 से ₹1,000 |
| अफ्रीका | ₹500 से ₹1,000 |
अन्य एयरलाइंस और वैश्विक परिदृश्य
इंडिगो के इस कदम के बाद एअर इंडिया समूह (एअर इंडिया व एक्सप्रेस), अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी अन्य प्रमुख घरेलू एयरलाइंस भी आने वाले दिनों में किराए या फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी कर सकती हैं, क्योंकि सभी कंपनियां समान लागत दबाव झेल रही हैं।
वैश्विक स्तर पर भी हालात अलग नहीं हैं। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में अनिश्चितता के कारण एमिरेट्स, सिंगापुर एयरलाइंस और लुफ्तहंसा जैसी वैश्विक एयरलाइंस पहले से ही कई रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ा चुकी हैं।
