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दिल्ली से आइजोल आ रही फ्लाइट में बिगड़ी यात्री की तबीयत, प्लेन ही बन गया इमरजेंसी वॉर्ड; डॉक्टर्स ने बचाई जान

Published: Mon, 05 Oct 2026 02:34 PM (IST)

दिल्ली-आइजोल फ्लाइट में एक किडनी मरीज का ऑक्सीजन स्तर गिरने पर, सहयात्री डॉक्टरों ने तुरंत आपातकालीन उपचार दिया। समय पर ...और पढ़ें

HighLights

  1. दिल्ली-आइजोल फ्लाइट में किडनी मरीज का ऑक्सीजन स्तर गिरा।

  2. सहयात्री डॉक्टरों ने विमान में ही आपातकालीन उपचार दिया।

  3. मरीज को अस्पताल में भर्ती कर जान बचाई, हालत स्थिर।

डिजिटल डेस्क दिल्ली। दिल्ली-आइजोल की एक फ्लाइट में यात्रा करने के दौरान किडनी की बीमारी से पीड़ित एक यात्री का ऑक्सीजन लेवल अचानक बहुत कम हो गया। जिसके बाद फ्लाइट में मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत उसकी मदद की और इमरजेंसी इलाज शुरू किया।

मेडिकल इमरजेंसी में बदली आम फ्लाइट

दरअसल यात्री किडनी की बीमारी और डायलिसिस के लिए मेडिकल चेकअप कराने जा रहा था। तभी रास्ते में इस यात्री को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और उसका ऑक्सीजन सैचुरेशन गिरकर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गया। केबिन क्रू के मेडिकल मदद के लिए अनाउंसमेंट करने के बाद, फ्लाइट में यात्रा कर रहे कई डॉक्टरों ने तुरंत यात्री को देखा।

जनरल सर्जन डॉ. विली लालह्रुइटलुंगा, पीडियाट्रिशियन डॉ. एफ रेमथांगपुई और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. बेंजामिन खियांगटे ने यात्री की देखभाल की और विमान के अंदर ही इमरजेंसी स्थिति को संभालना शुरू किया।

यात्री को मास्क के जरिए ऑक्सीजन देने के बाद भी यात्री का ऑक्सीजन सैचुरेशन शुरू में लगभग 60 प्रतिशत ही रहा। डॉक्टरों ने इलाज जारी रखा और स्टेरॉयड दिए, जिसके बाद ऑक्सीजन सैचुरेशन में सुधार हुआ और यह लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गया।

हालात में सुधार नहीं तो होती इमरजेंसी लैंडिंग

डॉक्टरों के अनुसार, अगर मरीज की हालत में सुधार नहीं होता तो पायलट कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग करने के लिए तैयार था। हालांकि मरीज का ऑक्सीजन लेवल कुछ समय के लिए स्थिक हो गया, इसीलिए आइजोल की ओर यात्रा जारी रखने का फैसला किया गया।

मिजोरम में अस्पताल में किया गया भर्ती

हालांकि थोड़ी देर बाद यात्री की हालत फिर बिगड़ गई और डॉक्टरों ने इंट्यूबेशन के बारे में सोचा। विमान में सीमित इमरजेंसी उपकरण होने के कारण, जमीनी कर्मचारियों के साथ मिलकर लैंडिंग के समय एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और मिजोरम के लेंगपुई एयरपोर्ट पर उतरने के बाद, मरीज को तुरंत एम्बुलेंस में ले जाया गया।

इंट्यूबेशन सेट और एंडोट्रैचियल ट्यूब उपलब्ध होने के कारण डॉक्टरों ने इंट्यूबेशन की प्रक्रिया शुरू की और इमरजेंसी इलाज जारी रखा। इसके बाद मेडिकल टीम ने ICU बेड खोजने के लिए आइजोल के अस्पतालों से संपर्क किया। आखिरकार LRM अस्पताल में एक ICU बेड मिल गया और डॉक्टर मरीज को वहां ले गए।

खबरों के अनुसार, अगली रात यात्री का इंट्यूबेशन हटा दिया गया और उसका डायलिसिस किया गया। ताजा जानकारी के मुताबिक, समय पर इलाज मिलने के कारण मरीज की हालत अब स्थिर है।

जानकारी के मुताबिक मरीज के साथ जाने के दौरान डॉक्टर अपना सामान भी वहीं छोड़ आए थे और बाद में उन्हें डॉ. बेंजामिन खियांगटे से मदद मिली, जिन्होंने इमरजेंसी के बाद उनकी देखभाल में सहायता की।

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