गैस बिल अपडेट के नाम पर हैक किया मोबाइल, एक APK फाइल डाउनलोड करते ही उड़े 2.22 लाख रुपये
द्वारका मोड़ पर रहने वाले एक व्यक्ति के साथ गैस बिल अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगी हुई। ठगों ...और पढ़ें

दिल्ली में साइबर ठगों ने ऐसे बिछाया जाल (AI-image)
HighLights
गैस बिल अपडेट के नाम पर ठगी।
एपीके फाइल से मोबाइल का रिमोट एक्सेस।
दो क्रेडिट कार्ड से 2.22 लाख रुपये निकाले।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली: गैस बिल अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगों ने द्वारका मोड़ निवासी एक व्यक्ति के दो क्रेडिट कार्ड से 2.22 लाख रुपये निकाल लिए।
आरोपितों ने खुद को ग्रीन गैस आगरा का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को फोन किया और गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर एपीके (APK) फाइल डाउनलोड कराई। फाइल डाउनलोड होते ही आरोपितों ने उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और क्रेडिट कार्ड से अवैध लेनदेन कर लिया। पीड़ित की शिकायत पर द्वारका साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर भेजी फाइल
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, विपिन गार्डन एक्सटेंशन निवासी नितिन मिश्रा को सात अक्टूबर की रात करीब 9:04 बजे दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस आगरा का प्रतिनिधि बताया। उसने कहा कि उनका गैस बिल अपडेट नहीं हुआ है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा।
आरोपितों ने बिल अपडेट करने के नाम पर पीड़ित को एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा। पीड़ित ने जैसे ही फाइल डाउनलोड की, उनके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड और बैंक लेनदेन से संबंधित कई ओटीपी आने लगे। इसके बाद उन्हें ठगी का संदेह हुआ। आशंका है कि फाइल के जरिये आरोपितों ने उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया था।
दो क्रेडिट कार्ड से निकाले 2.22 लाख रुपये
पीड़ित के अनुसार, ठगों ने उनके दो क्रेडिट कार्ड से कुल 2,22,085.90 रुपये निकाल लिए। इनमें स्लाइस क्रेडिट कार्ड से 98,475.10 रुपये और आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1,23,610.80 रुपये का अनधिकृत लेनदेन किया गया।
पीड़ित ने साइबर अपराध हेल्पलाइन पर संपर्क कर शिकायत की। इसके बाद उन्होंने द्वारका साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी संख्या 0038 दर्ज की है। मामले की जांच हेड कांस्टेबल नवीन कुमार को सौंपी गई है। पुलिस संदिग्ध मोबाइल नंबरों और क्रेडिट कार्ड से हुए लेनदेन की जांच कर आरोपितों की पहचान करने में जुटी है।
