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फरीदाबाद में गैस बिल ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, 5 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी

Published: Wed, 07 Oct 2026 06:12 PM (GMT+05:30)

फरीदाबाद पुलिस ने गैस कनेक्शन काटने का डर दिखाकर दिल्ली-एनसीआर में 5 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ...और पढ़ें

पुलिस ने पांच करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करनेवाले ठगों को किया गिरफ्तार।

पुलिस ने पांच करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करनेवाले ठगों को किया गिरफ्तार।

HighLights

  1. फरीदाबाद पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया।

  2. गैस बिल के नाम पर 5 करोड़ से अधिक की ठगी।

  3. एपीके फाइल से मोबाइल एक्सेस कर बैंक खाते खाली किए।

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। गैस कनेक्शन काटने का डर दिखाकर दिल्ली-एनसीआर के लोगों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह वर्ष 2018 से ठगी की वारदात कर रहा था। पुलिस के अनुसार, गिरोह अब तक 100 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाकर पांच करोड़ रुपये से अधिक हड़प चुका है।

गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप पर गैस बिल बकाया होने और बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने का संदेश भेजते थे। संदेश में दिए गए नंबर पर फोन करने के बाद पीड़ितों से एपीके फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। फाइल डाउनलोड होते ही आरोपित मोबाइल का एक्सेस हासिल कर बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे।

फरीदाबाद के सेक्टर-37 निवासी एक बुजुर्ग से इसी तरीके से 5 लाख 12 हजार 344 रुपये की ठगी के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरिडीह, झारखंड निवासी दीपक कुमार मंडल को गिरोह का मास्टरमाइंड है।

अन्य आरोपितों में देवघर झारखंड निवासी अनिल कुमार मंडल, सूरत गुजरात निवासी अश्विन भाई, खूंट धावल, मनीष भाई, दीप विट्ठलभाई, पीठाभाया भाई शामिल हैं।। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के ज्यादातर आरोपित 10वीं और 12वीं तक पढ़े हैं, लेकिन तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खातों तक पहुंच बना लेते थे।

20 हजार गैस उपभोक्ताओं का डाटा बरामद

पुलिस के अनुसार, आरोपितों के कब्जे से करीब 20 हजार अडानी गैस उपभोक्ताओं और करीब 1000 यूको बैंक उपभोक्ताओं का डाटा बरामद हुआ है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपितों ने 116 लोगों को एपीके फाइल भेजी थी। इससे पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाने की तैयारी कर रखी थी।

टेलीग्राम से खरीदते थे डाटा और एपीके फाइल

साइबर थाना सेंट्रल के प्रभारी निरीक्षक बसंत कुमार ने बताया कि गिरोह का सरगना दीपक कुमार मंडल टेलीग्राम के माध्यम से आरटीओ और अडानी गैस से संबंधित लोगों का डाटा और एपीके फाइल खरीदता था। इसके बाद दीपक और अनिल कुमार मंडल लोगों को फोन करते थे। वे गैस बिल बकाया होने और कनेक्शन कटने का डर दिखाकर पीड़ितों से दिए गए नंबर पर संपर्क करने के लिए कहते थे।

बातचीत के दौरान पीड़ित के मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक, एपीके डाउनलोड होते ही आरोपितों को मोबाइल का एक्सेस मिल जाता था। इसके बाद वे बैंक खाते से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे। ठगी की रकम निकालने और अन्य वित्तीय लेन-देन के लिए क्रेडिट कार्ड का भी इस्तेमाल किया जाता था।

शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के आधार पर सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। अब बरामद डाटा और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य पीड़ितों और आरोपितों की जानकारी जुटाई जा रही है। - बसंत कुमार, प्रभारी, साइबर थाना सेंट्रल

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