डीयू के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज में बड़ा बदलाव, 7 में से 6 स्किल आधारित कोर्स बंद
दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज ने कम दाखिले के कारण अपने सात में से छह स्नातक व्यावसायिक पाठ्यक्रम बंद कर दिए हैं।
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डीयू के वोकेशनल कॉलेज ने 7 में से 6 स्किल कोर्स बंद किए।
HighLights
डीयू के सीवीएस ने 6 व्यावसायिक पाठ्यक्रम बंद किए।
कम दाखिले और संसाधनों के बेहतर उपयोग का कारण।
नए बहुविषयक स्नातक कार्यक्रम शुरू करने की योजना।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज (सीवीएस) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से अपने सात स्नातक व्यावसायिक (वोकेशनल) पाठ्यक्रमों में से छह को बंद करने का निर्णय लिया है।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इन पाठ्यक्रमों में पिछले कई वर्षों से लगातार कम दाखिले हो रहे थे, इसलिए संसाधनों के बेहतर उपयोग और छात्रों को अधिक रोजगारपरक विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। हालांकि, इस फैसले ने शिक्षकों और छात्रों के एक वर्ग में असंतोष पैदा कर दिया है।
कौन से कोर्स हुए बंद?
बंद किए गए पाठ्यक्रमों में ऑफिस मैनेजमेंट एंड सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस, रिटेल मैनेजमेंट एवं आईटी, मटेरियल मैनेजमेंट, इंश्योरेंस मैनेजमेंट, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज मैनेजमेंट तथा ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट शामिल हैं। केवल बीए (वोकेशनल स्टडीज) इन टूरिज्म मैनेजमेंट को जारी रखा गया है।
इनकी जगह कॉलेज अब अर्थशास्त्र, वाणिज्य, कंप्यूटर एप्लीकेशन, गणित, इतिहास और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों के संयोजन वाले बहुविषयक स्नातक कार्यक्रम शुरू करेगा।
कॉलेज के प्राचार्य का कहना है कि नए पाठ्यक्रम वर्तमान समय की शैक्षणिक और रोजगार संबंधी जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। उनका मानना है कि पुराने वोकेशनल कार्यक्रमों के कई विषय अब बीकॉम और अन्य नियमित पाठ्यक्रमों का हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए उन्हें अलग से संचालित करने की आवश्यकता नहीं रह गई थी।
पाठ्यक्रमों को बंद करने को लेकर शिक्षकों का विरोध
दूसरी ओर, शिक्षकों का कहना है कि सीवीएस की स्थापना ही कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। ऐसे में इन पाठ्यक्रमों को समाप्त करना कॉलेज की मूल पहचान और उद्देश्य के विपरीत है।
उनका यह भी तर्क है कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) स्वयं कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देती है। ऐसे में स्किल आधारित कार्यक्रमों को बंद करना नीति की भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
