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दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर के बीच जहरीली हवा का कहर, IMD ने जारी किया अलर्ट; बाहर निकलते समय रहें सावधान

Published: Sun, 21 Dec 2025 05:30 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 21 Dec 2025 06:55 AM (GMT+05:30)

दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को आज बाहर निकलने से पहले सावधान रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने क्षेत्र ...और पढ़ें

दिल्ली-एनसीआर के लिए IMD ने जारी की चेतावनी। फाइल फोटो

दिल्ली-एनसीआर के लिए IMD ने जारी की चेतावनी। फाइल फोटो

HighLights

  1. दिल्ली-एनसीआर के लिए मौसम विभाग का अलर्ट जारी

  2. नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह

  3. यात्रा की योजना मौसम के अनुसार बनाएं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में ठंड, घना कोहरा और खतरनाक स्तर पर पहुंचा वायु प्रदूषण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। शनिवार को राजधानी और आसपास के इलाकों में शीत लहर का साफ असर देखने को मिला। दिनभर सूरज बादलों में छिपा रहा, ठंडी हवाओं के साथ स्मॉग छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई।

मौसम विभाग की चेतावनी: हालात रहेंगे लगभग ऐसे ही

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। सात दिन की भविष्यवाणी में बताया गया है कि 20 से 25 दिसंबर के बीच अधिकतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिरने के आसार हैं। इस दौरान घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

कम तापमान और हवा की रफ्तार सुस्त होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में फंसे हुए हैं, जिससे स्मॉग की परत और मोटी होती जा रही है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर, पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी के संकेत

आईएमडी के वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर घाटी में भारी हिमपात के भी संकेत मिल रहे हैं, जबकि मैदानी इलाकों, खासकर पंजाब के उत्तरी हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

GRAP-4 के बावजूद सख्ती, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने साफ कहा है कि खराब मौसम और GRAP-4 लागू होने के बावजूद अगर कहीं निर्माण कार्य चलता पाया गया तो संबंधित बिल्डिंग के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।

इसके अलावा, दिल्ली में किसी भी प्रकार की प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्री को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बड़े पैमाने पर निरीक्षण के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों को सील करने की तैयारी है।

 

 

शीत लहर के बीच हवा सबसे बड़ी चुनौती

राजधानी में शनिवार को इस सीजन की पहली शीत लहर दर्ज की गई, जिससे दिसंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड हुआ। अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया। इसी के साथ वायु गुणवत्ता भी गंभीर स्तर पर पहुंच गई। केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर बना हुआ है।

चांदनी चौक जैसे घनी आबादी वाले इलाके में स्थिति सबसे खराब रही, जहां AQI 460 के पार दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हैं।

हवाई और सड़क यातायात प्रभावित

घने कोहरे का असर परिवहन व्यवस्था पर भी दिख रहा है। कम विजिबिलिटी के कारण कई उड़ानों में देरी हुई है और कुछ को रद्द भी करना पड़ा। सड़कों पर सुबह और देर रात वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।

स्कूलों को लेकर प्रशासन सतर्क

मौसम और प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन स्कूलों को फिलहाल ऑनलाइन मोड में जारी रखने पर विचार कर रहा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग बेवजह घर से बाहर न निकलें, मास्क का इस्तेमाल करें और स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

फिलहाल, मौसम और प्रदूषण दोनों ही मोर्चों पर राहत की उम्मीद कम है, ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।