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दिल्ली से मुंबई का हवाई सफर 2027 से बदलेगा, कुछ उड़ानें नवी मुंबई शिफ्ट होंगी; टिकट पर टर्मिनल जरूर जांचें

Published: Fri, 06 Nov 2026 12:10 AM (IST)

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के कारण 2027 से कुछ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नवी मुंबई हवाई अड्डे पर स्थानांतरित होंगी।

दिल्ली से मुंबई का हवाई सफर 2027 से बदलेगा। फोटो: आर्काइव

दिल्ली से मुंबई का हवाई सफर 2027 से बदलेगा। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. 2027 से दिल्ली-मुंबई हवाई यात्रा में बदलाव होगा।

  2. मुंबई टर्मिनल-1 पुनर्विकास के कारण उड़ानें नवी मुंबई शिफ्ट।

  3. यात्रियों को टिकट पर टर्मिनल की जानकारी जांचनी होगी।

गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। दिल्ली से मुंबई के बीच हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को 2027 से उड़ानों के टर्मिनल और एयरपोर्ट को लेकर सतर्क रहना होगा।

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के कारण कुछ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित की जाएंगी।

हालांकि, दिल्ली-मुंबई की अधिकांश घरेलू उड़ानें मुंबई के मौजूदा एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 से ही संचालित होंगी।

यात्रियों को टिकट पर देखना होगा टर्मिनल

दिल्ली-एनसीआर से मुंबई की नियमित यात्रा करने वालों के लिए 2027 के बाद टिकट बुक करते समय टर्मिनल की जानकारी जांचना जरूरी होगा।

टर्मिनल-1 के बंद रहने के दौरान दिल्ली से मुंबई आने-जाने वाली अधिकांश घरेलू उड़ानें छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 पर रहेंगी। यानी इन उड़ानों से जाने वाले यात्रियों की लैंडिंग मुंबई शहर के मुख्य एयरपोर्ट पर ही होगी।

हालांकि, कुछ चुनिंदा घरेलू रूट और खाड़ी देशों समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेने वाले यात्रियों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचना पड़ सकता है। ऐसे में 2027 के बाद टिकट बुक करने से पहले उस पर दर्ज टर्मिनल कोड की जांच करना जरूरी होगा।

मुंबई के टर्मिनल-1 का होगा नए सिरे से निर्माण

मुंबई एयरपोर्ट का करीब छह दशक पुराना टर्मिनल-1 वर्ष 1964 में बनाया गया था। इसकी जर्जर स्थिति और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई थीं। इसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने पुराने ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर चार-स्तरीय अत्याधुनिक टर्मिनल बनाने की योजना को अंतिम रूप दिया है।

योजना के मुताबिक, जनवरी 2027 से निर्माण कार्य शुरू होगा और अप्रैल 2027 से पुराने टर्मिनल को ढहाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दिसंबर 2030 तक नया टर्मिनल चालू करने का लक्ष्य है।

50 लाख यात्रियों को नवी मुंबई भेजने की तैयारी

निर्माण के दौरान हवाई यातायात सुचारू रखने के लिए करीब 50 लाख यात्रियों और कई उड़ानों को अस्थायी रूप से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित किया जाएगा।

समर 2027 शेड्यूल के तहत 50 में से 38 अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ही स्लॉट आवंटित किए गए हैं। वहीं, 14 गंतव्यों के लिए रोजाना 16 उड़ानें संचालित करने वाली 12 अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को मार्च 2027 के अंत से नवी मुंबई से सेवाएं देनी होंगी।

इसके अलावा इंडिगो, एअर इंडिया और अकासा एयर जैसी प्रमुख घरेलू विमानन कंपनियां भी अपने चुनिंदा 14 रूट की उड़ानों को नवी मुंबई स्थानांतरित करेंगी।

टर्मिनल की क्षमता बढ़कर दो करोड़ यात्री सालाना होगी

नए टर्मिनल के चालू होने के बाद टर्मिनल-1 की सालाना यात्री क्षमता 1.5 करोड़ से बढ़कर दो करोड़ हो जाएगी। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, उड़ानों के स्थानांतरण के बावजूद छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट की मौजूदा ट्रैफिक क्षमता का 91 प्रतिशत हिस्सा अप्रभावित रहेगा। एयरलाइंस के ऐतिहासिक स्लॉट आवंटन भी सुरक्षित रहेंगे।

दिल्ली से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए अहम बात ये है कि 2027 के बाद टिकट बुक करते समय एयरपोर्ट और टर्मिनल की जानकारी जरूर जांचें। अधिकांश घरेलू उड़ानें मुंबई के टर्मिनल-2 से चलेंगी, लेकिन कुछ चुनिंदा रूट की उड़ानें नवी मुंबई से संचालित होंगी।

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