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दिल्ली में नाइट चेकिंग सख्त: जनवरी से अबतक कटे 6844 ड्रंकन ड्राइव के चालान, 38 वाहन जब्त

Published: Mon, 20 Apr 2026 05:25 AM (IST)Updated: Mon, 20 Apr 2026 05:56 AM (IST)

राजधानी में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज ...और पढ़ें

शराब पीकर वाहन चलाने पर 6,844 वाहनों के काटे चालान। (AI Generated Image)

शराब पीकर वाहन चलाने पर 6,844 वाहनों के काटे चालान। (AI Generated Image) 

HighLights

  1. ट्रैफिक पुलिस ने 3 घंटे में 269 चालान काटे, 38 वाहन जब्त।

  2. जनवरी से अब तक 6,844 शराब पीकर वाहन चलाने के चालान।

  3. नशे में ड्राइविंग पर 'जीरो-टॉलरेंस', सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में रात के समय बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने अब रात के समय अक्सर ड्रंकन ड्राइव अभियान चलाने का निर्णय किया है।

इसी के तहत शनिवार रात तीन घंटे के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में शराब पीकर वाहन चलाने पर 269 वाहनों के चालान काटे।

ट्रैफिक पुलिस ने स्थानीय पुलिस और पीसीआर के साथ मिलकर रात नौ से 12 बजे तक सभी छह रेंज में यह विशेष एकीकृत रात्रि चेकिंग अभियान चलाया। इस दाैरान 38 वाहनों को ज़ब्त भी कर लिया गया। चेकिंग में दोपहिया वाहन, कारें, ट्रक, बस, आटो आदि सभी प्रकार के वाहनों की जांच की गई।

नुकसान के बारे में दी जाती है जानकारी

संयुक्त आयुक्त संजय कुमार त्यागी का कहना है कि नशे में वाहन चलाने पर जिन लोगों के वाहन जब्त कर कर लिए जाते हैं उन्हें पहले एक सप्ताह तक टोडापुर स्थित ट्रैफिक पुलिस के मुख्यालय में एक सप्ताह के कोर्स में भाग लेना होता है।

कोर्स के दौरान ट्रैफिक पुलिस के जवान, वाहन चालकों को शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाले नुकसान आदि के बारे जानकारी देते हैं। उन्हें कानून के बारे में जानकारी दी जाती है। कोर्स पूरा होने के बाद वाहन को कोर्ट के आदेश पर रिलीज किया जाता है।

संजय कुमार त्यागी का कहना है कि जनवरी से अब तक का शराब पीकर वाहन चलाने पर कुल 6,844 वाहनों का चालान किया गया और 634 वाहनों को जब्त किया गया। इनमें दोपहिया वाहनों के 4,906 व कारों के 908 मामले शामिल हैं।

ट्रैफिक पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने के प्रति अपनी ''ज़ीरो-टालरेंस'' नीति को दोहराती है। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली भर में ऐसे विशेष रात्रि चेकिंग अभियान जारी रहेंगे।

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे शराब पीकर वाहन न चलाएं, शराब का सेवन करने के बाद किसी नियुक्त ड्राइवर या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।

देश भर में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 185 के तहत नशे में गाड़ी चलाना अपराध माना जाता है।

पहले अपराध पर 6 माह की जेल का प्राविधान

इस धारा के तहत, ब्रेथलाइज़र से जांच किए जाने पर, अगर खून में अल्कोहल की मात्रा 100 एमएल में 30 मिलीग्राम से ज्यादा पाई जाती है, तो उसे दंडनीय माना जाता है।

इसके लिए पहली बार अपराध करने पर छह माह तक की जेल या 10 हजार रूपये का जुर्माना हो सकता है। बार-बार इस तरह का अपराध करने पर सज़ा बढ़ जाती है।

तीन साल के अंदर दूसरी बार शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर दो साल तक की जेल या 15,000 का जुर्माना हो सकता है। पुलिस खून में अल्कोहल की मात्रा मापने के लिए ब्रेथलाइज़र या अस्पताल लेजाकर खून की जांच कराती है।

चालान की राशि भी खून में अल्कोहल की मात्रा को देखते हुए अदालत द्वारा तय किया जाता है। चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने पर वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह तक के लिए रद करने के लिए परिवहन विभाग से सिफारिश की जाती है। जिससे चालकों की परेशानी बढ़ जाती है।

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