'राजनीति के बाजार में मोहब्बत की दुकान बंद मत कीजिए', कांग्रेस की रैली से पहले दिल्ली के बाजारों में लगे पोस्टर
दिल्ली में 1 नवंबर को कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली को लेकर व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। साथ ही दिल्ली ...और पढ़ें

राहुल गांधी की रैली पर व्यापारियों ने जताया विरोध। फोटो- जागरण आर्काइव
HighLights
व्यापारियों ने कांग्रेस की महारैली का विरोध किया।
दिल्ली के बाजारों में विरोध प्रदर्शन, पोस्टर लगाए।
त्योहारी सीजन में व्यापारिक नुकसान की आशंका।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की प्रस्तावित महा रैली को लेकर व्यापारियों का विरोध अब सड़कों और बाजारों में खुलकर सामने आ गया है।
रामलीला मैदान के नजदीक कमला मार्केट व कश्मीरी गेट समेत दिल्ली के प्रमुख बाजारों में व्यापारियों ने रविवार को विरोध दर्ज कराते हुए जगह-जगह पोस्टर लगा दिए हैं।
रैली पर रोक लगाने की मांग कर रहे व्यापारी
पोस्टरों पर लिखा है 'राजनीति के बाजार में मोहब्बत की दुकान बंद मत कीजिए'। इसके साथ ही कई बाजारों में व्यापारियों ने नारेबाजी कर अपना कड़ा विरोध जताया और रैली के आयोजन पर रोक लगाने की मांग की।
व्यापारियों का आरोप है कि उन्होंने पिछले 10 दिनों में कई बार कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन उनके अनुरोध को अनदेखा कर रैली करने की जिद पकड़ी गई है।
अक्टूबर की अराजकता याद कर सहमे व्यापारी
लुटियंस दिल्ली के व्यापारी संगठन अक्टूबर महीने में हुई राजनीतिक रैलियों के दौरान उपजे हंगामे, यातायात जाम और अराजकता के दौर को याद कर रविवार की आशंका को लेकर चिंतित हैं।
व्यापारियों का कहना है कि त्यौहारी सीजन उनके व्यापार के लिए बेहद अहम होता है। रैली के कारण सड़कें बंद होंगी, जिससे ग्राहकों का आना मुश्किल हो जाएगा और करोड़ों रुपये के कारोबार का सीधा नुकसान होगा।
राजनीति के खिलाफ नहीं, नुकसान का डर
व्यापारिक संगठनों का साफ कहना है कि वे किसी राजनीति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन व्यावसायिक केंद्रों को राजनीतिक रैलियों का अखाड़ा बनाना न्यायसंगत नहीं है। फिलहाल, रैली के मद्देनजर लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल तैनात है, लेकिन बाजारों में कल के दिन को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है।