दिल्ली में 37.50 लाख की लूट निकली फर्जी, कंपनी के दो कर्मचारियों ने दोस्त संग रची थी साजिश
उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर में 37.50 लाख रुपये की लूट की घटना कंपनी के दो कर्मचारियों और उनके दोस्त की ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
उत्तरी दिल्ली में 37.50 लाख की लूट का मामला।
कंपनी के कर्मचारियों ने दोस्त संग रची साजिश।
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर रुपये बरामद किए।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर इलाके में 37.50 लाख रुपये की लूट का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह पलट गया। जिस वारदात को पहले बाइक सवार बदमाशों द्वारा अंजाम दी गई लूट बताया जा रहा था, वह कंपनी के ही दो कर्मचारियों की अपने दोस्त के साथ मिलकर रची गई साजिश निकली। तिमारपुर थाना पुलिस ने दोनों कर्मचारियों और उनके एक दोस्त को गिरफ्तार कर 36.92 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
पुलिस के अनुसार, बुधवार को पीसीआर पर सूचना मिली थी कि बुराड़ी चौक के पास बाइक सवार तीन बदमाश 37.50 लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी के कर्मचारी कूचा महाजनी से नकदी लेकर सरस्वती नगर जा रहे थे। रास्ते में बदमाशों ने उन्हें रोककर बैग छीन लिया। दावा किया गया कि पीछा करने पर एक आरोपित को राहगीरों की मदद से पकड़ लिया गया, जिसे बाद में कंपनी के कर्मचारियों अभिषेक और योगेश के हवाले कर दिया गया। कुछ देर बाद सूचना दी गई कि पकड़ा गया आरोपित योगेश पर हमला कर फरार हो गया।
शिकायतकर्ताओं की कहानी पर खड़े हुए सवाल
पूरी घटना की कहानी सुनने के बाद पुलिस को कई बिंदुओं पर संदेह हुआ। सबसे बड़ा सवाल यह था कि पकड़े गए आरोपित का मोबाइल फोन भी गायब कैसे हो गया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज, काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की। जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने शिकायतकर्ताओं की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए।
तकनीकी जांच में पता चला कि घटना के समय कंपनी कर्मचारियों के एक दोस्त की लोकेशन चांदनी चौक क्षेत्र में थी और वह लगातार उनके संपर्क में था। पुलिस ने जब अभिषेक और योगेश से सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने पूरी साजिश कबूल कर ली। उन्होंने बताया कि रुपये हड़पने की नीयत से लूट की झूठी कहानी बनाई गई थी।
जांच में जुटी पुलिस
दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने उनके दोस्त विपिन को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से लूटी गई रकम में से 36.92 लाख रुपये बरामद कर लिए गए। साथ ही वह मोबाइल फोन भी बरामद हो गया, जिसे फरार आरोपित अपने साथ ले गया था।
जांच में मोबाइल अभिषेक और योगेश की मोटरसाइकिल से मिला, जिससे उनकी बनाई पूरी कहानी बेनकाब हो गई। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
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