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दिल्ली में SIR में कटे 47.56 लाख नाम, तीन बार तारीख बढ़ाने के बाद अब तक कितने वोटर्स की हुई वापसी?

Published: Tue, 03 Nov 2026 07:46 AM (IST)

दिल्ली में मतदाता सूची के SIR में 47.56 लाख नाम हटाए गए हैं, जिस पर विपक्षी दल 'वोट चोरी' का ...और पढ़ें

तीन-तीन बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद हटाए गए नामों को दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत बहुत ही धीमी है। एआई इमेज

तीन-तीन बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद हटाए गए नामों को दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत बहुत ही धीमी है। एआई इमेज

HighLights

  1. दिल्ली में SIR से 47.56 लाख नाम हटाए गए।

  2. हटाए गए नामों में मृत, दोहरे, स्थानांतरित मतदाता शामिल।

  3. निर्वाचन आयोग घर-घर जाकर कर रहा है सत्यापन।

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दल निर्वाचन आयोग पर 'वोट चोरी' के आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को रामलीला मैदान की रैली में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

दूसरी ओर, दिल्ली में एसआईआर के दौरान मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 47.56 लाख नामों को लेकर अब तक सामने आए दावे राजनीतिक बहस को अलग ही संदर्भ दे रहे हैं।

तीन-तीन बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद हटाए गए नामों को दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत बहुत ही धीमी है।

कितने दोहरे नाम, कितने हुए स्थानांतरित

दिल्ली में 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची से कुल 47,56,722 नाम हटाए गए थे। इनमें वे मतदाता शामिल थे जिनके गणना प्रपत्र जमा नहीं हो सके थे। इन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट (एएसडीडी) श्रेणी में रखा गया था। 2,82,412 लाेग अब इस दुनिया में नहीं जबकि 1,41,535 दोहरे नाम वाले, 43,32,775 स्थायी रूप से स्थानांतरित सामने आए।

आस-पास शिफ्ट होने वाले कितने मतदाता?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय दिल्ली के मुताबिक इस संख्या में मृत और दाेहरे नाम वाले लोगों का आंकड़ा अभी भी वही है। जबकि घर घर सत्यापन के बाद स्थानांतरित श्रेणी में करीब साढ़े छह हजार नाम जरूर सामने आए हैं, जो स्थायी रूप से नहीं बल्कि आस-पास ही शिफ्ट हुए थे। उन्हें अब वापस जोड़ा जा रहा है।

क्यों नहीं मानी जा सकती वोटर्स की वापसी?

हालांकि, दो नवंबर तक नाम जोड़ने के लिए फाॅर्म-6 के 2.87 लाख से अधिक आवेदन भी मिले थे। लेकिन सीईओ कार्यालय के अनुसार इन आवेदनों में पहली बार मतदाता बनने वाले और अन्य नए आवेदक भी शामिल हैं। इसलिए इन्हें हटाए गए मतदाताओं की वापसी का आंकड़ा नहीं माना जा सकता।

बीएलओ फिर घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन

सीईओ कार्यालय ने एएसडीडी सूची में शामिल मतदाताओं का दोबारा सत्यापन कराने का फैसला किया है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर पता कर रहे हैं कि सूची से बाहर किए गए मतदाताओं में कोई पात्र व्यक्ति तो नहीं है। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि कोई भी पात्र मतदाता अंतिम सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए। इसके लिए जिलों में हेल्प डेस्क भी बनाई गई हैं।

दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर को जारी होगी

मालूम हो कि नाम जुड़वाने के लिए 25 नवंबर तक फाॅर्म-6 भरना होगा। फाॅर्म-7 के जरिए नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने और फाॅर्म -8 के माध्यम से पता एवं अन्य विवरण में संशोधन की सुविधा है। आवेदन निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in और ECINET मोबाइल एप के अलावा ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ के पास आफलाइन भी जमा किए जा सकते हैं। एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर को जारी होगी।

बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन भी कर रहे

एसआईआर प्रक्रिया के तहत दिल्ली की मसौदा सूची से नाम हटाते हुए बहुत सावधानी बरती गई है। बीएलओ घर घर जाकर सत्यापन भी कर रहे हैं कि कोई पात्र मतदाता न छूट जाए। लेकिन संभवतया यह सूची सही बनी है, इसीलिए कई बार समयसीमा बढ़ाने पर भी अपना हटा नाम जुड़वाने वाले लोग सामने नहीं आ रहे। अब फिर से एक बार समयसीमा बढ़ी है तो बीएलओ दोबारा हटाए गए नामों का सत्यापन करने के लिए घर घर जाएंगे।

-प्रशांत कुमार प्रसाद, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली।

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