दिल्ली के राशन कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर, नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर; अब जिले में होगा सारा काम
दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत दी है। अब उन्हें विधानसभा-स्तरीय खाद्य आपूर्ति कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सभी कार्य और ...और पढ़ें
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दिल्ली के राशन कार्ड धारकों को अब अपने किसी भी कार्य के लिए विधानसभा स्तर पर बने खाद्य आपूर्ति कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। राशन कार्ड धारकों को अब अपने किसी भी कार्य के लिए विधानसभा स्तर पर बने खाद्य आपूर्ति कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। सभी कार्य और समस्याओं का निदान अब जिला कार्यालयों में ही हो जाएगा। दरअसल, राजस्व विभाग के 13 जिलों के पुनर्गठन के बाद दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सभी 70 सर्किलों को भी उसी के अनुरूप पुनर्गठित कर दिया गया है। विभाग के अतिरिक्त आयुक्त अरूण कुमार झा ने इस आशय के लिखित आदेश भी जारी कर दिए हैं।
इस आदेश के मुताबिक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राजस्व जिलों की ही तरह अब अपने नौ जिलों को बढ़ाकर 13 जिलों में बांट दिया है। साथ ही 70 विधानसभा में चल रहे 70 राशन दफ्तरों को बंद कर सर्किल कार्यालयों में तैनात खाद्य संभरण अधिकारी (एफएसओ) व खाद्य संभरण इंस्पेक्टर (एफएसआइ) को डाटा इंट्री आपरेटरों सहित जिला कार्यालयों में बैठने का आदेश जारी किया है।
वैसे भी अब राशन कार्ड के आवेदन, नाम चढ़वाने व कटवाने की प्रक्रिया को ‘ई-डिस्ट्रिक’ पोर्टल पर कर दिया गया है। साथ ही लोग हेल्पलाइन नंबर 1076 के जरिये अपना काम घर बैठे बैठे करवा सकते हैं। ऐसे में जबकि राशन कार्ड की मैन्युल प्रक्रिया को पूरी तरह बंद कर दिया गया है तो राशन दफ्तरों का भी कोई औचित्य नहीं रह जाता।
इस एक निर्णय से राशन कार्ड धारकों व आवेदकों को राशन दफ्तरों के बाहर घूमने वाले उन दलालों से भी मुक्ति मिलेगी, जिनके चंगुल में वे फंस जाते थे। वहीं अपनी जरूरत के हिसाब से कार्यालय में बैठने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी नकेल कसेगी और इंस्पेक्टर राज का अंत हो पाएगा। इसके अलावा लंबे समय से कर्मचारियों की कमी का रोना रो रहे विभाग को अब इस आदेश के बाद पर्याप्त कर्मचारी भी मिल जाएंगे, जो पहले सर्किल कार्यालयों में बेकार ही बैठे रहते थे।
खाद्य आपूर्ति आयुक्त प्रशांत गोयल के नेतृत्व में लिया गया यह एक अच्छा निर्णय है। इससे कार्यालयों पर खर्च होने वाला हर माह करोड़ों रुपए का राजस्व बचाया गया है। अभी तक कार्यालयों के किराए और रख- रखाव के अलावा बिजली-पानी का बिल भी विभाग को हर महीने देना होता था। - शिवकुमार गर्ग, अध्यक्ष, दिल्ली सरकारी राशन डीलर्स संघ (डीएसआरडीएस)
किस जिले में होंगे कितने सर्किल कार्यालय
| जिला | सर्किल कार्यालय |
|---|---|
| दक्षिण-पूर्वी | 7 |
| पुरानी दिल्ली | 4 |
| उत्तरी जिला | 4 |
| नई दिल्ली | 2 |
| सेंट्रल दिल्ली | 4 |
| सेंट्रल-उत्तर | 5 |
| दक्षिण-पश्चिमी | 5 |
| बाहरी जिला | 3 |
| उत्तर-पश्चिमी | 6 |
| उत्तर-पूर्वी | 8 |
| पूर्वी जिला | 8 |
| दक्षिणी जिला | 7 |
| पश्चिमी जिला | 7 |

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