ISI के बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, पाकिस्तान भेजने की फिराक में थे सेना की गोपनीय जानकारी; 11 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा संचालित एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया ...और पढ़ें
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दिल्ली पुलिस ने जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। सांकेतिक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा चलाए जा रहे बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दिल्ली और पंजाब से गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के सदस्यों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे।
गाजियाबाद से जासूसी नेटवर्क में अब तक 24 गिरफ्तारी हुई हैं। इसी कड़ी में कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल ने अब दिल्ली और पंजाब से 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सदस्य टेरर मॉड्यूल की तरह काम कर रहे थे। अब तक कुल 35 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनका नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है।
जांच में खुलासा हुआ था कि गिरोह के सदस्य सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशनों समेत अन्य संवेदनशील स्थानों की लोकेशन, फोटो, वीडियो पाकिस्तान भेज रहे थे। इन लोगों ने दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सोलर बेस्ड कैमरे भी लगाए थे। इन कैमरों की फीड पाकिस्तान दी गई थी।
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जगह-जगह लगाए गए थे कैमरे। जागरण
देश में 9 जगहों पर लगाए थे सीसीटीवी कैमरे
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISI-BKI स्पॉन्सर्ड आतंक, हथियार और जासूसी मॉड्यूल पर इंटर-स्टेट कार्रवाई की है। पुलिस ने सेंसिटिव सिक्योरिटी जगहों के पास लगे 9 सोलर-पावर्ड सीसीटीवी कैमरे बरामद किए हैं।
कठुआ से उत्तर भारत में कई जगह सेना से जुड़े प्रतिष्ठान पर कैमरे लगाए लगाए थे। इन कैमरों की फीड एक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए पाक बेस्ड हैंडलर्स को भेजी जा रही थी। पुलिस ने चार पिस्टल और 24 कारतूस भी बरामद किए।
मॉड्यूल के आरोपी यूपीआई अकाउंट के जरिए फंड ट्रांसफर करवा रहे थे, जिसका एक हिस्सा इन स्मगल किए गए हथियारों की बिक्री से होने वाली कमाई से आता था।
वहीं, जांच में पता चला कि हथियारों की तस्करी से मिले पैसे का इस्तेमाल मॉड्यूल की एक्टिविटीज की फंडिंग के लिए किया गया। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से सिक्योरिटी जगहों पर ग्रेनेड हमला टल गया है।
पुलिस के मुताबिक, ये मॉड्यूल जासूसी गतिविधियों और आतंकी गतिविधियों में भी शामिल था। ये पाकिस्तान से हथियार भी मंगा रहे थे।
ये आरोपी एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर पाकिस्तान-बेस्ड ऑपरेटिव्स के कॉन्टैक्ट में थे। उन्हें हमारी नेशनल सिक्योरिटी को खतरा पहुंचाने वाली जासूसी और तोड़फोड़ वाली एक्टिविटीज के लिए डायरेक्शन मिल रहे थे।
स्पेशल सेल SWR के दूसरे ऑपरेशन में एसीपी पूरन पंत की देखरेख में इंस्पेक्टर मनेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर नीरज कुमार और संदीप यादव की कई टीमों ने मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) से मिले इनपुट पर कार्रवाई करते हुए पंजाब के पांच आरोपियों को जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। वे सेंसिटिव सिक्योरिटी जगहों की रेकी करने और फोटो और वीडियो शेयर करने में शामिल थे।
आरोपियों की जानकारी
ऑपरेशन-I (NDR)
1. मनप्रीत सिंह निवासी तरनतारन, पंजाब
2. अनमोल निवासी फिरोजपुर, पंजाब
3. साहिल निवासी फिरोजपुर, पंजाब
4. अतुल राठी निवासी रोहिणी, दिल्ली
5. रोहित निवासी रोहिणी, दिल्ली और
6. अजय निवासी टटेसर, दिल्ली
ऑपरेशन-II (SWR)
1. गुरजीत सिंह निवासी कपूरथला, पंजाब
2. रिंपलदीप सिंह निवासी फाजिल्का, पंजाब
3. सलविंदर सिंह उर्फ कालू निवासी फाजिल्का, पंजाब
4. हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी निवासी मोगा, पंजाब
5. बूटा सिंह निवासी फाजिल्का, पंजाब
आरोपियों से हुई बरामदगी
- 09 सोलर CCTV कैमरे
- 09 SIM कार्ड के साथ (कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला, कठुआ, बीकानेर, अलवर)
- 03 PX5 पिस्टल और 01 देसी पिस्टल
- 24 कारतूस
- हथियार लेने के लिए इस्तेमाल की गई दो चार पहिया गाड़ियां
- सेंसिटिव जगहों की रेकी के लिए इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल
- 24 मोबाइल फोन
आरोपियों की प्रोफाइल
एनडीआर
1. मनप्रीत सिंह: वह अविवाहित है और उसने BCA किया है। वह एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए पाक हैंडलर्स के संपर्क में आया। उसने पाक हैंडलर्स के कहने पर हथियार इकट्ठा किए और पहुंचाए, सिम कार्ड अरेंज किए और पैसे भी लिए और भेजे।
2. अनमोल: वह अविवाहित है और 10th पास है। वह वॉल पेपर चिपकाने का काम करता है। वह एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए पाक हैंडलर्स के संपर्क में आया। उसने अपने साथी साहिल की मदद से 9 जगहों पर CCTV कैमरे लगाए।
3. साहिल: वह शादीशुदा है और 12th पास है। वह वॉल पेपर चिपकाने का काम करता है। उसने अनमोल के साथ कैमरे ठीक करने में मदद की।
4. अतुल राठी: वह अविवाहित है। उसने न्यूजीलैंड से बिजनेस में मास्टर डिग्री पूरी की है। 2004 में, वह भारत वापस आया। वह एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए पाक हैंडलर्स के संपर्क में आया। उसे एक फरार आरोपी के जरिए मनप्रीत से 04 विदेशी पिस्तौलें और एक हथियार तस्कर से 03 देसी पिस्तौलें मिलीं।
5. रोहित: वह अविवाहित है और उसके पास बिजनेस में मास्टर डिग्री है। वह पंजाब से हथियार लेने के लिए अतुल राठी के साथ गया था।
6. अजय: वह शादीशुदा है और ग्रेजुएट है। उसे रोहित से एक देसी पिस्तौल मिली थी।
एसडब्ल्यूआर
1. गुरजीत सिंह: उसने 12th तक पढ़ाई की है। वह अभी खेतीका काम कर रहा है। गुरजीत सिंह ने अपने चचेरे भाई के जरिए पाक स्थित हैंडलर्स से संपर्क बनाया, जो सीमा पार नार्को तस्करी में शामिल था। पाक हैंडलर के कहने पर, उसने आर्मी कैंट की रेकी की और पाक हैंडलर के साथ फोटो और वीडियो शेयर किए। उसे अपने पाकिस्तानी हैंडलर के लिए दूसरों को भर्ती करने का भी काम दिया गया था।
2. रिंपलदीप सिंह: उसने 12वीं तक पढ़ाई की है और गुजारा करने के लिए ड्राइवर का काम करता है। उसने लोकल साथियों और पाकिस्तान के एक हैंडलर के बीच एक मुख्य जरिया के तौर पर काम किया। उसने आर्मी और BSF कैंप की तस्वीरों/वीडियो समेत सेंसिटिव जानकारी इकट्ठा की और शेयर की।
3. हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी: उसने ओपन स्कूलिंग से 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की है। उसने पाक हैंडलर के कहने पर इंटरनेशनल बॉर्डर पर ड्रग ट्रैफिकिंग को आसान बनाने, कंसाइनमेंट संभालने, पाकिस्तान के हैंडलर के एजेंट को पैसे ट्रांसफर करने, सेंसिटिव जगहों की रेकी करने, फोटो और वीडियो शेयर करने, आर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स के मूवमेंट के बारे में जानकारी शेयर करने, SIM कार्ड का इंतजाम करने और सोलर पावर वाले CCTV कैमरे लगाने का प्लान बनाया।
4. सलविंदर सिंह उर्फ कालू: उसने 10वीं तक पढ़ाई की है। वह अभी DJ ऑपरेटर का काम कर रहा है। वह रिंपलदीप सिंह के साथ जासूसी करने और आर्मी और पैरामिलिट्री ठिकानों की फोटो और वीडियो शेयर करने में मदद करता था।
5. बूटा सिंह: उसने 12वीं पास की है। वह बॉर्डर पार से नशीले पदार्थों की तस्करी में भी शामिल था। उसने BSF और आर्मी कैंटोनमेंट एरिया जैसी सेंसिटिव जगहों की फोटो और वीडियो कैप्चर करने और उन्हें पाक हैंडलर के साथ शेयर करने में मदद की।
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गाजियाबाद से छह को किया गया था गिरफ्तार
गाजियाबाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने 14 मार्च को कौशांबी क्षेत्र से एक महिला समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। यह लोग पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट के लिए काम कर रहे थे। वहीं, इनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 15 और आरोपितों को गिरफ्तार किया था, इनमें नाबालिक भी शामिल थे।

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जांच में पता चला था कि ये सभी लोग सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशनों समेत अन्य संवेदनशील स्थानों की लोकेशन, फोटो, वीडियो पाकिस्तान भेज रहे थे। इन लोगों ने दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सोलर बेस्ड कैमरे भी लगाए थे। इन कैमरा की फीड पाकिस्तान दी गई थी। सुरक्षा एजेंसी अभी जांच में जुटी हुई है।
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आज पकड़े गए सभी लोग। जागरण

