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दिल्ली में CJP के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में Youtubers की एंट्री बैन, जंतर-मंतर पर नहीं बनेगा कोई मंच

Published: Thu, 08 Oct 2026 06:58 PM (IST)

दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP के प्रदर्शन को रोकने के लिए नई रणनीति बनाई है, जिसमें यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया चेहरों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोका जाएगा।

जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले पुलिस की सख्ती। फोटो: आर्काइव

जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले पुलिस की सख्ती। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. दिल्ली पुलिस ने CJP के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी

  2. यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया चेहरों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोका जाएगा

  3. प्रदर्शन स्थल और नई दिल्ली जिले में ड्रोन से कड़ी निगरानी होगी

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने इस बार ऐसी रणनीति तैयार की है, जिससे जुलाई में हुए प्रदर्शन जैसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

पुलिस का खास फोकस उन यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया चेहरों पर है, जो अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास के समर्थन में प्रदर्शन स्थल तक पहुंच सकते हैं।

दिल्ली पुलिस की कोशिश है कि ऐसे किसी भी यूट्यूबर को नई दिल्ली जिले में प्रवेश कर जंतर-मंतर या उसके आसपास पहुंचने का मौका न मिले।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने या मंच से लोगों को संबोधित करने के लिए आने वाले संभावित सोशल मीडिया चेहरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था इस तरह की जा रही है कि प्रदर्शन स्थल के आसपास भीड़ जमा होने से पहले ही उसे नियंत्रित किया जा सके। पिछले CJP प्रदर्शन में जिस तरह सोशल मीडिया के जरिए भीड़ और समर्थन जुटा था, इस बार पुलिस उस कड़ी को पहले ही रोकने की तैयारी में है।

न यूट्यूबर पहुंचेंगे, न बनेगा कोई मंच

इस बार पुलिस का दूसरा बड़ा फोकस अस्थायी मंच को लेकर है। सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति के मुताबिक, प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की स्थिति में जंतर-मंतर या आसपास कोई अस्थायी स्टेज खड़ा नहीं होने दिया जाएगा।

पुलिस की नजर ऐसे सामान और गतिविधियों पर भी रहेगी, जिनके जरिए मौके पर मंच या सार्वजनिक संबोधन की व्यवस्था खड़ी की जा सकती है।

यानी इस बार पुलिस की कोशिश सिर्फ प्रदर्शनकारियों को रोकने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदर्शन को सोशल मीडिया इवेंट और खुले मंच का रूप लेने से रोकने की भी होगी।

ड्रोन से आसमान से निगरानी

10 अक्टूबर को नई दिल्ली जिले में जमीन के साथ-साथ आसमान से भी निगरानी रखी जाएगी। संभावित भीड़, छोटे-छोटे समूहों में जुटने वाले लोगों और बैरिकेडिंग से आगे बढ़ने की कोशिशों पर ड्रोन के जरिए नजर रखने की तैयारी है।

पुलिस की रणनीति यह है कि किसी एक जगह पर बड़ी भीड़ बनने से पहले ही उसकी गतिविधि का पता चल जाए। दिल्ली की सीमाओं और नई दिल्ली जिले में आने वाले प्रमुख रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस पहले के CJP प्रदर्शन से जुड़े लोगों और संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी जोखिम वाले व्यक्तियों का ब्योरा भी जुटा रही है।

पिछले प्रदर्शन से लिया सबक

पुलिस की इस तैयारी की बड़ी वजह CJP का पिछला प्रदर्शन माना जा रहा है। पिछले आंदोलन में सोशल मीडिया के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक संदेश पहुंचा और प्रदर्शन को व्यापक ऑनलाइन समर्थन मिला था।

इस बार पुलिस किसी भी ऐसी स्थिति से बचना चाहती है, जिसमें मौके पर पहुंचने वाले यूट्यूबर या दूसरे डिजिटल क्रिएटर आंदोलन को लाइव कवरेज, मंच और सोशल मीडिया प्रसारण के जरिए बड़ा रूप दे सकें।

CJP के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास लगातार 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए समर्थकों से दिल्ली पहुंचने की अपील कर रहे हैं।

दीपके ने प्रदर्शन को लेकर लोगों को जुटने का आह्वान किया है, जबकि सौरव दास ने कहा है कि जहां पुलिस रोकेगी, वहीं प्रदर्शन किया जाएगा।

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दिल्ली पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी है। पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया है।

पुलिस का कहना है कि नई दिल्ली जिले में बिना अनुमति प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी और एक हजार से ज्यादा लोगों के जुटने पर भी रोक है।

CJP की ओर से हालांकि पुलिस को प्रदर्शन की सूचना देने की बात कही गई है। संगठन के नेताओं का कहना है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अलग अनुमति की जरूरत पर उन्होंने सवाल उठाया है।

नई दिल्ली में प्रवेश पर ही शिकंजा

पुलिस की रणनीति का सबसे अहम हिस्सा यही है कि भीड़ को जंतर-मंतर तक पहुंचने का इंतजार न किया जाए। नई दिल्ली जिले की तरफ आने वाले रास्तों पर निगरानी रखकर संभावित प्रदर्शनकारियों को पहले ही रोकने की तैयारी है।

पुलिस की नजर खासतौर पर उन लोगों पर है, जिनके प्रदर्शन में शामिल होने की पहले से जानकारी या सोशल मीडिया गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं।

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