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CJP को नई दिल्ली में कहीं भी प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं देगी पुलिस, 1,000 से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक

Published: Wed, 07 Oct 2026 09:53 PM (IST)

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले अनुमति लेना अनिवार्य बताया है और काॅकरोच जनता पार्टी (CJP) को बिना अनुमति प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी।

नई दिल्ली में सीजेपी को कहीं भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं। फोटो: आर्काइव

नई दिल्ली में सीजेपी को कहीं भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हेतु 10 दिन पूर्व अनुमति अनिवार्य

  2. सीजेपी को बिना अनुमति प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलेगी

  3. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रदर्शन के नियम लागू

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर INDI गठबंधन के नेताओं और सांसदों के जंतर-मंतर की ओर मार्च निकालने के बाद, दिल्ली पुलिस ने फिर स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए कम से कम 10 दिन पहले अनुमति लेनी अनिवार्य है और एक हजार से अधिक लोगों की भीड़ की अनुमति नहीं है।

दिल्ली पुलिस ने यह बात इसलिए कही है क्योंकि गठबंधन के नेता मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर कुछ दिनों से नई दिल्ली जिले में लगातार बिना अनुमति के प्रदर्शन कर रहे हैं।

उधर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है।

बिना अनुमति प्रदर्शन पर पुलिस सख्त

पुलिस ने साफ कहा है कि सीजेपी को भी नई दिल्ली जिले में कहीं भी बिना अनुमति के प्रदर्शन करने की इजाजत कतई नहीं दी जाएगी। जो लोग कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा पुलिस उससे बहुत सख्ती से निपटेगी। पिछली घटना से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के बेहद कड़े बंदोबस्त किए हैं।

सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर दिल्ली पुलिस को खुलेआम चुनौती दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को अनुमति देने का अधिकार किसने दिया? विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति लेना बेतुका और पुराना विचार है।

सौरभ दास के इस तरह के बयान पर आपत्ति जताते हुए दिल्ली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर में कहा गया है कि नई दिल्ली जिले में प्रदर्शन या धरने के लिए सक्षम प्राधिकारी (डीसीपी) के पास कम से कम 10 दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य है।

जंतर-मंतर पर अधिकतम एक हजार लोगों के एकत्र होने की अनुमति है। इससे बड़े प्रदर्शनों के लिए अन्य तय स्थानों पर जाना होगा।

बड़े प्रदर्शनों के लिए तय स्थल

एक हजार से 50 हजार लोगों के लिए रामलीला मैदान, 50 हजार से अधिक लोगों के लिए बुराड़ी का मैदान निर्धारित है। सेंट्रल विस्टा क्षेत्र, इंडिया गेट, सी-हेक्सागन, मान सिंह रोड, जनपथ और आसपास के लॉन में प्रदर्शन करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लागू आदेश

जुलाई 2018 के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले (मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत संघ) के अनुपालन में, दिल्ली पुलिस का यह स्थायी आदेश लागू किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था और स्थानीय निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसे विनियमित करने के लिए एक तंत्र होना चाहिए।

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