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दीपावली से पहले दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, GRAP-3 लागू; निर्माण कार्यों पर रोक

Published: Sat, 07 Nov 2026 07:26 AM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 08:09 AM (IST)

दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ...और पढ़ें

धूल के प्रदूषण को कम करने के लिए लुटियन दिल्ली के मौलाना आजाद रोड पर एंटी स्माग गन से किया जा रहा छिड़काव। हरीश कुमार

धूल के प्रदूषण को कम करने के लिए लुटियन दिल्ली के मौलाना आजाद रोड पर एंटी स्माग गन से किया जा रहा छिड़काव। हरीश कुमार

HighLights

  1. दिल्ली-एनसीआर में दिवाली से पहले प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा।

  2. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP-3 पाबंदियां लागू कीं।

  3. निर्माण-तोड़फोड़ पर रोक, 50% वर्क फ्रॉम होम पर विचार।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिवाली से पहले ही दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की आबोहवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।

प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति और अगले तीन दिनों तक हवा के 'गंभीर' श्रेणी में रहने के पूर्वानुमान को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू कर दी हैं।

इसके तहत पूरे एनसीआर में धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। साथ ही दिल्ली-एनसीआर की सरकारों को दफ्तरों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम लागू करने पर फैसला लेने के निर्देश दिए गए हैं।

बहुत खराब श्रेणी में पहुंचा AQI

शुक्रवार को दिल्ली का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी की सीमा (401) के बेहद करीब है। गुरुवार को यह 369 दर्ज किया गया था। राजधानी के 38 निगरानी केंद्रों में से 26 पर हवा 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि 31 केंद्रों पर स्थिति 'बहुत खराब' रही। दिल्ली के पंजाबी बाग में AQI सबसे ज्यादा 453, जहांगीरपुरी में 447 और रोहिणी में 444 दर्ज किया गया। केवल लोधी रोड इलाके में हवा 'खराब' श्रेणी में दर्ज हुई।

हवा की धीमी चाल बनी आफत, कब मिलेगी राहत?

भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे के पूर्वानुमान के अनुसार, 7 से 9 नवंबर तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में बनी रह सकती है। इसके बाद भी अगले छह दिनों तक प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' से 'बहुत खराब' श्रेणी के बीच बना रहेगा। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और हवा की सुस्त रफ्तार के कारण प्रदूषक कण वायुमंडल में सतह के पास जमा हो रहे हैं।

वाहनों का धुआं, पराली और पटाखों से और बिगड़ेगी स्थिति

विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर वाहनों से निकलने वाला धुआं, पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली और दिवाली के अवसर पर पटाखों से होने वाला उत्सर्जन स्थिति को और भयावह बना सकता है। शुक्रवार को दिल्ली की हवा में 'पीएम 2.5' (PM 2.5) मुख्य प्रदूषक रहा, जिसके बारीक कण सांस के जरिए फेफड़ों के गहराई तक पहुंचकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

ग्रैप-3 के तहत लागू प्रमुख प्रतिबंध

  • निर्माण व तोड़फोड़ पर रोक: पूरे एनसीआर में धूल फैलाने वाले निर्माण (Construction) और तोड़फोड़ (Demolition) के कार्यों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।

  • 50% वर्क फ्रॉम होम: दिल्ली और एनसीआर की राज्य सरकारें सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' देने पर निर्णय लेंगी।

  • सख्त आपातकालीन कदम: प्रदूषण को और अधिक गंभीर स्तर पर जाने से रोकने के लिए आपातकालीन उपाय तुरंत प्रभाव से लागू रहेंगे।

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