दिल्ली मेट्रो में किसने चिपकाए सरकार विरोधी पोस्टर? Whatsapp ग्रुप में जुड़ने के लिए दिया QR कोड; तलाश शुरू
दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले पोस्टर मिले हैं। इनमें व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया था।

दिल्ली मेट्रो में सरकार विरोधी पोस्टर बांटने और चस्पाने का मामला सामने आया है। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर मिले सरकार विरोधी पोस्टर।
पोस्टरों में व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए क्यूआर कोड।
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर चलने वाली ट्रेन में सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। पोस्टरों के जरिये पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में हुए बदलावों को लेकर असंतोष जताते हुए लोगों से जुड़ने की अपील की गई थी। इनमें महिलाओं के खिलाफ अपराध, बेरोजगारी, पुलिस हिरासत में मौत, रुपये की गिरती कीमत और विनिर्माण क्षेत्र की स्थिति जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।
वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ने के लिए दिया क्यूआर कोड
एक पोस्टर पर वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ने के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया था। आईजीआई मेट्रो थाना पुलिस ने दोनों पोस्टर कब्जे में लेकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच में स्पेशल सेल भी जुटी है। सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्धों के नजर आने की बात सामने आई है। पुलिस उनकी गतिविधियों और मेट्रो स्टेशन में प्रवेश व बाहर निकलने से संबंधित जानकारी जुटा रही है।
ट्रेन के यशोभूमि पहुंचने पर चला पता
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, डीएमआरसी में एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर ट्रेन आपरेटर के तौर पर तैनात तरुण चौधरी की 20 अक्टूबर को ड्यूटी थी। वह शाम करीब 6:50 बजे नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन से यशोभूमि के लिए ट्रेन लेकर रवाना हुए।
करीब 7:15 बजे ट्रेन यशोभूमि स्टेशन पहुंची। इसके बाद वह ट्रेन के केबिन के अंदर से जांच करते हुए आगे बढ़े तो एक सीट पर दो पोस्टर चिपके मिले।
उन्होंने पोस्टर उतारकर वरिष्ठ अधिकारियों और आपरेशन कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों के निर्देश पर दोनों पोस्टर द्वारका सेक्टर-21 के स्टेशन कंट्रोलर को सौंप दिए गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
एक पोस्टर से लोगों को जोड़ने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों पोस्टर काले-सफेद रंग के थे और ए-4 आकार के कागज पर छपे थे। पहले पोस्टर पर 'यू कैन चेंज योर ओन लाइफ' और 'वोटिंग प्रोटेस्ट' जैसे वाक्य लिखे थे। इसमें लोगों को एकजुट होने और सामुदायिक स्तर पर जुड़ने का आह्वान किया गया था। साथ ही वाट्सएप ग्रुप में शामिल होने के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया था। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है कि कोड किस ग्रुप से जुड़ा था और इसके पीछे कौन लोग हैं।
9 मुद्दों के जरिये सरकार के कामकाज पर सवाल
दूसरे पोस्टर पर पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में हुए बदलावों को लेकर नौ दावे किए गए थे। भीड़ की हिंसा, नफरत से जुड़े मामले, भाजपा के निर्वाचित सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले, महिलाओं के खिलाफ अपराध, पुलिस हिरासत में मौत और पुलिस की ज्यादतियों का उल्लेख किया गया था।
