दिल्ली किशनगंज स्टेशन पर 34 करोड़ की लागत से अपग्रेड हुआ सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रेनों की लेटलतीफी होगी कम
दिल्ली किशनगंज रेलवे स्टेशन पर 34 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित की गई है। ...और पढ़ें

आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली से जुड़ा दिल्ली किशनगंज स्टेशन। (AI Generated Image)
HighLights
दिल्ली किशनगंज में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित।
34 करोड़ रुपये की लागत से हुआ यह महत्वपूर्ण उन्नयन कार्य।
ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी, संचालन क्षमता में वृद्धि।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सुरक्षित व निर्बाध ट्रेन परिचालन के लिए सिग्नलिंग प्रणाली में सुधार किया जा रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली किशनगंज रेलवे स्टेशन पर सिग्नलिंग प्रणाली के उन्नयन का काम किया गया है। उन्नयन कार्य और यार्ड रीमाडलिंग के अंतर्गत नवीनतम इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग आधारित सिग्नलिंग प्रणाली लागू की गई है। इससे इस स्टेशन से ट्रेन संचालन की क्षमता बढ़ेगी।
अपग्रेडेशन में खर्च हुए 34 करोड़ रुपये
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस रेलवे स्टेशन पर पांच मई से सिग्नलिंग प्रणाली के उन्नयन का कार्य शुरू किया गया था। 13 मई को इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिग्नलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस स्टेशऩ से प्रतिदिन 35 से अधिक ट्रेनें और 50 से अधिक मालगाड़ी गुजरती है।
आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक के साथ बेहतर त्रुटिरहित सुविधाएं एवं उन्नत निगरानी व्यवस्था शामिल है। इस उन्नयन कार्य पर लगभग 34 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इससे ट्रेन और मालगाड़ियों दोनों के लिए सुरक्षित एवं अधिक कुशल ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
ट्रेनों की लेटलतीफी होगी कम
ट्रेनों की आवाजाही में सटीकता, दुर्घटनाओं में कमी और संचालन क्षमता में वृद्धि होगी। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और व्यस्त रूट पर अधिक ट्रेनों का सुरक्षित संचालन संभव हो सकेगा।
इलेक्ट्रानिक सिग्नलिंग प्रणाली से सिग्नलों का संचालन और ट्रैक बदलना माउस के एक क्लिक पर संभव हो गया है। इससे ट्रेनों को प्लेटफॉर्म पर लेने या पास देने में लगने वाला समय कम होता है और उनकी औसत गति बढ़ती है। इस प्रणाली में मानवीय त्रुटि की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है, जिससे ट्रेन संचालन सुरक्षित हो जाता है। इससे रेलवे स्टेशन और ट्रैक पर कवच सुरक्षा प्रणाली लगाने में सुविधा होगी।
