दिल्ली में शुरू हो गया मकान सत्यापन का अभियान, 14 जून तक पूरा करने का लक्ष्य; अनियोजित कॉलोनियां बनीं चुनौती
दिल्ली में मकान सत्यापन अभियान शुरू हो गया है, जिसमें बीएलओ घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन और नजरी नक्शे तैयार कर रहे हैं।

लक्ष्मी नगर विधानसभा में मकानों का मैपिंग करते बीएलओ शिक्षक रवि कुमार और सीमा पाठक। जागरण

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शशि ठाकुर, नई दिल्ली। लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र में सुबह ठीक आठ बजे हाथों में कागजों की फाइल थामे बीएलओ सीमा पाठक और रवि कुमार अपने सुपरवाइजर व अन्य चार साथियों के साथ पहले दिन मकानों के भौतिक सत्यापन के लिए गलियों में पहुंचे।
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की परवाह किए बिना टीम के सदस्यों ने सबसे पहले आपस में बैठक कर वार्ड का विभाजन किया। इसके बाद दो- दो कर्मचारी अलग-अलग होकर संकरी और मुख्य गलियों में उतरे। उनके हाथों में मौजूद कागजों पर अंकित मकान नंबरों के आधार पर उनके घर- घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ।
कर्मचारियों से तरह-तरह के सवाल
सरकारी कर्मचारियों को सुबह- सुबह अपने दरवाजे पर देख स्थानीय निवासियों में भी उत्सुकता जाग गई। लोगों ने कौतूहल होकर पूछा कि क्या आप मकानों की गणना के लिए आए हैं? क्या आप सरकारी स्कूल के शिक्षक हैं या किसी अन्य विभाग के कर्मचारी?
इस पर बीएलओ सीमा पाठक ने बेहद शालीनता से लोगों की जिज्ञासा को शांत किया। उन्होंने बताया कि अभी हम व्यवस्थित कालोनियों में जाकर मकानों का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं और नजरी नक्शा (रफ मैप) तैयार कर रहे हैं। यह शुरुआती काम दो दिनों तक चलेगा।
इसके बाद मकानों की मैपिंग की जाएगी और निवासियों से 34 जरूरी सवाल पूछे जाएंगे। लोगों से सटीक जवाब मिलने के बाद ही मकानों की गणना का यह कार्य पूरी तरह संपन्न होगा। वहीं, एक मकान की मालकिन लज्जा रानी उन्हें पानी की बोतल देते हुए छाया में आकर बैठने की गुजारिश करती हैं।
अनियोजित काॅलोनियों में आ रही दिक्कतें
लक्ष्मी नगर के पांडव नगर वार्ड की एक संकरी गलियों में मार्कर से मकानों पर नंबर अंकित कर रहे कर्मचारी रवि कुमार ने बताया कि इस पूरी गणना के कार्य को 14 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि, पहले ही दिन जमीनी स्तर पर कई चुनौतियां सामने आईं। रवि कुमार के मुताबिक अनियोजित कालोनियों में मकान नंबरों में कोई एकरूपता या क्रमिक समानता नहीं है, जिससे सही मकान तलाशने में बहुत दिक्कत आ रही है। कुछ मकान ऐसे भी मिले, जिनके नंबर सूची में गलत दर्ज हैं और वह असल में किसी दूसरे वार्ड की भौगोलिक सीमा में आते हैं।
दूसरी तरफ झुलसाने वाली गर्मी कर्मचारियों की परीक्षा ले रही है। कुछ जगहों पर लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं, तो कई जागरूक नागरिक खुद आगे बढ़कर अपनी प्रविष्टियां दर्ज करा रहे हैं।
एक कर्मी को मिला 50-55 इमारतों का जिम्मा
मकानों के भौतिक सत्यापन के पहले दिन केवल पूर्वी दिल्ली ही नहीं, बल्कि लुटियंस दिल्ली, करोल बाग और पुरानी दिल्ली समेत पूरी दिल्ली की गलियों में कर्मचारी घर- घर पहुंचे।
कर्मचारियों ने बताया कि इस महाभियान में केवल शिक्षा विभाग ही नहीं, बल्कि दिल्ली जल बोर्ड सहित विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
फील्ड प्रबंधन को सुचारू बनाए रखने के लिए एक सुपरवाइजर की देखरेख में लगभग छह कर्मचारियों की टीम काम कर रही है।
पहले चरण के तहत एक कर्मचारी को औसतन 50 से 55 इमारतों के भौतिक सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसमें तकरीबन 200 से 250 परिवार आएंगे।
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