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'आंतरिक जांच पर दुष्कर्म पीड़िता के जख्मों पर नमक छिड़कने का नहीं कोई अधिकार', दिल्ली HC की सख्त टिप्पणी

Published: Sat, 16 May 2026 09:04 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने 11 साल की सौतेली बेटी से दुष्कर्म के आरोपी सौतेले पिता की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

11 साल की सौतेली बेटी के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट का सख्त आदेश

11 साल की सौतेली बेटी के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट का सख्त आदेश

HighLights

  1. सौतेले पिता की जमानत याचिका दिल्ली HC ने खारिज की।

  2. नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को आंतरिक जांच के लिए मजबूर नहीं।

  3. कोर्ट ने कहा, जख्मों पर नमक छिड़कने का अधिकार नहीं।

विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। 11 साल की सौतेली बेटी के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के मामले में विभिन्न तर्कों के आधार पर नियमित जमानत की आरोपित पिता की मांग को दिल्ली हाई कोर्ट ने ठुकरा दिया है। न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया की पीठ ने कहा कि अगर एक दुष्कर्म का शिकार हुई नाबालिग अपनी आंतरिक जांच नहीं करवाना चाहती, तो उसे ऐसी जांच के लिए मजबूर करके उसके जख्मों पर नमक छिड़कने का कोई अधिकार नहीं है। पीठ ने कहा कि ऐसे मामले में आरोपित को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है और जमानत याचिका खारिज की जाती है।

आरोपित का हर तर्क किया खारिज

अदालत ने उक्त टिप्पणी आरोपित सौतेले पिता की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता के तर्कों पर दिया। सौतेले पिता की तरफ से कहा गया कि नाबालिग की मां पीड़िता की आंतरिक जांच कराने को तैयार, लेकिन पीड़िता ने इससे इंकार कर दिया है। सौतेले पिता ने तर्क दिया कि उक्त आधार पर उसे नियमित जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। साैतेले पिता द्वारा घटना के समय पर पीड़िता के नाबालिग नहीं होने के तर्क को भी अदालत ने ठुकरा दिया।

पीठ ने की कड़ी टिप्पणी

पीठ ने कहा कि इससे भी ज्यादा अहम बात यह है कि पीड़ित की सहमति का मुद्दा तो उठाया ही नहीं गया है। पीठ ने कहा कि घटना के समय पीड़ित बालिग थी या नाबालिग, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि इसके आधार पर आरोपित को मौजूदा कार्यवाही में कोई फायदा मिल सके। वहीं, आरोपित की नियमित जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने कहा कि यह गंभीर है और दोषी पाए जाने पर आरोपित को कड़ी सजा मिल सकती है।

जान से मारने की धमकी भी दी

आरोपित ने यह कहते हुए जमानत पर रिहा करने की मांग की थी कि वह मई 2023 से न्यायिक हिरासत में जेल है। इस मामले में वसंत कुंज थाने में दुष्कर्म और पाक्सो की धाराओं के तहत प्राथमिकी हुई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि आरोपित सौतेले पिता ने नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म किया था और उसे इस बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।

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