अभिजीत अय्यर मित्रा को झटका, FIR पर रोक का आदेश दिल्ली HC से रद; सत्र अदालत को दोबारा सुनवाई का निर्देश
दिल्ली हाई कोर्ट ने डिफेंस एनालिस्ट अभिजीत अय्यर मित्रा के खिलाफ FIR पर रोक हटा दी है। कोर्ट ने सत्र ...और पढ़ें

मित्रा ने न्यूजलॉन्ड्री की नौ महिला पत्रकारों पर टिप्पणी की थी
HighLights
हाई कोर्ट ने FIR पर लगी रोक हटाई
मामला सत्र अदालत को दोबारा सुनवाई हेतु भेजा
मित्रा पर महिला पत्रकारों पर टिप्पणी का आरोप
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने डिफेंस एनालिस्ट अभिजीत अय्यर मित्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने पर लगी रोक को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए सत्र अदालत के आदेश को रद कर दिया। अदालत ने कहा कि बिना कारण दिया गया रोक का आदेश टिक नहीं सकता और इस तरह की रोक संतोषजनक नहीं है।
न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया ने ऑनलाइन मीडिया पोर्टल न्यूजलांड्री की एडिटोरियल निदेशक मनीषा पांडे की याचिका पर सुनवाई करते हुए चार मई 2026 के सत्र अदालत के आदेश को निरस्त कर दिया और मामले को दोबारा सुनवाई के लिए वापस भेज दिया। वहीं, मित्रा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने भी स्वीकार किया कि बिना कारण वाला आदेश टिक नहीं सकता।
22 मई को अदालत में पेश होने का आदेश
हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि सत्र अदालत दोनों पक्षों को सुनकर एक कारणयुक्त आदेश पारित करे। अदालत ने पक्षकारों को 22 मई को सत्र अदालत में पेश होने को कहा है।
दरअसल, 23 अप्रैल को मजिस्ट्रेट अदालत ने मित्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने इंटरनेट मीडिया प्लेटफाॅर्म एक्स पर मनीषा पांडे समेत न्यूजलांड्री की नौ महिला पत्रकारों के खिलाफ आपत्तिजनक यौन टिप्पणियां की थीं।
