विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Explainer: दिल्ली में क्यों बढ़ रही आग लगने की घटनाएं? AC और बिल्डिंग निर्माण को लेकर न करें ये गलतियां; एक्सपर्ट ने चेताया

By Anup Kumar SinghEdited By: Kapil Kumar
Published: Sun, 03 May 2026 10:30 AM (IST)

दिल्ली में आग लगने की अधिकांश घटनाओं का मुख्य कारण शॉर्ट-सर्किट है, खासकर AC और अन्य उच्च लोड वाले उपकरणों ...और पढ़ें

शॉर्ट-सर्किट से होती हैं ज्यादातर आग की घटनाएं। एआई जनरेटेड

शॉर्ट-सर्किट से होती हैं ज्यादातर आग की घटनाएं। एआई जनरेटेड

HighLights

  1. शॉर्ट-सर्किट दिल्ली में आग का प्रमुख कारण।

  2. खराब वायरिंग, एसी ओवरलोड से बढ़ता है खतरा।

  3. इलेक्ट्रिकल सिस्टम की अनदेखी, लागत कटौती मुख्य वजह।

अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक चार मंजिला इमारत में आग लगने के कारणों में शुरुआती जांच के आधार पर शॉर्ट-सर्किट को प्रमुख वजह माना जा रहा है।

दिल्ली में हाल के समय में आग की अधिकांश घटनाओं में भी शॉर्ट-सर्किट ही प्रमुख कारण के रूप में सामने आया है, खासकर उन जगहों पर जहां एसी और अन्य हाई लोड इलेक्ट्रिकल उपकरण लगातार उपयोग किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि असल समस्या केवल उपकरणों में नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों में छिपी है, जहां पूरे इलेक्ट्रिकल सिस्टम को सही तरीके से डिजाइन, इंस्टॉल और मेंटेन नहीं किया जाता।

विशेषज्ञों के अनुसार, शॉर्ट-सर्किट कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे विकसित होने वाली एक “सिस्टम फेल्योर” की स्थिति है। इसकी सबसे बड़ी वजह निर्माण के समय वायरिंग की गुणवत्ता में समझौता, बिल्डिंग डिजाइन में लागत कटौती और बाद में इलेक्ट्रिकल लोड मैनेजमेंट की अनदेखी है।

WhatsApp Image 2026-05-03 at 10.05.26

डेड-बॉडी को ले जाते पुलिसकर्मी। जागरण

कहां होती है बड़ी लापरवाही

सबसे गंभीर लापरवाही घर या बिल्डिंग निर्माण के समय शुरू होती है।

वायरिंग और स्विच में समझौता

सस्ती और कम गुणवत्ता वाली वायरिंग का उपयोग
लोकल या अनस्टैंडर्ड स्विच और एमसीबी लगाना

लोड कैपेसिटी का सही आकलन न करना

कई बार लोग पुरानी वायरिंग और स्विच पर समय के साथ बढ़ते लोड को नजरअंदाज कर देते हैं और उसे बदलने की जरूरत नहीं समझते। यही स्थिति आगे चलकर ओवरहीटिंग और शार्ट सर्किट का आधार बनती है।

WhatsApp Image 2026-05-03 at 09.48.41

बिल्डर फ्लैट्स में कास्ट कटिंग से खतरा

बिल्डर प्रोजेक्ट्स में अक्सर लागत कम करने के लिए इलेक्ट्रिकल सिस्टम में समझौता किया जाता है। हर फ्लैट के लिए अलग लोड प्लानिंग नहीं होती। भविष्य के उपकरण (एसी, गीजर, इन्वर्टर आदि) को ध्यान में नहीं रखा जाता। कई बार मानक से कमजोर वायरिंग लगाई जाती है। इसका परिणाम यह होता है कि नई इमारतें भी कुछ ही वर्षों में जोखिम की श्रेणी में आ जाती हैं।

WhatsApp Image 2026-05-03 at 09.25.33

कैसे होता है शॉर्ट-सर्किट

विशेषज्ञों के अनुसार शार्ट सर्किट अचानक नहीं होता, बल्कि यह एक क्रमिक प्रक्रिया है

  • तारों में ओवरलोड से अत्यधिक गर्मी पैदा होना
  • इंसुलेशन (प्लास्टिक कवर) का कमजोर पड़ना या पिघलना
  • फेज और न्यूट्रल का संपर्क हो जाना
  • अचानक तेज करंट फ्लो और स्पार्किंग
  • यही स्थिति आगे चलकर आग का रूप ले लेती है।

एसी ही क्यों बन रहा है रिस्क फैक्टर

एयर कंडीशनर लगातार हाई पावर खींचता है और पुराने इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
अलग सर्किट न होने पर ओवरलोड बढ़ता है। गलत इंस्टालेशन से करंट लीकेज का खतरा रहता है। पुरानी वायरिंग इस लोड को सहन नहीं कर पाती। एसी स्वयं कारण नहीं है, लेकिन गलत सिस्टम में यह “ट्रिगर प्वाइंट” बन जाता है।

यह भी पढ़ें- AC Blast: एनसीआर में भीषण गर्मी में क्यों फट रहे एसी? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां; ऐसे बड़े नुकसान से बचें

यह भी पढ़ें- AC Blast: गर्मी में क्यों फटते हैं एसी? यहां जानिए सही इस्तेमाल का तरीका और जरूरी सावधानियां

WhatsApp Image 2026-05-03 at 09.16.35

घरेलू स्तर पर होने वाली सामान्य गलतियां

  • एक ही सॉकेट पर कई भारी उपकरण चलाना
  • एक्सटेंशन बोर्ड पर एसी या हीटर का उपयोग
  • पुरानी वायरिंग पर अतिरिक्त लोड डालना
  • नियमित इलेक्ट्रिकल जांच न कराना

फ्लोर और लोड मैनेजमेंट की अनदेखी

  • ऊपरी मंजिलों पर एसी का अधिक उपयोग
  • एक ही फ्लोर पर कई एसी चलना
  • वायरिंग की उम्र का ध्यान न रखना
  • लोड बैलेंसिंग सिस्टम का अभाव
  • यह स्थिति धीरे-धीरे ओवरहीटिंग और सिस्टम फेल्योर को बढ़ाती है।
WhatsApp Image 2026-05-03 at 09.16.33

इन्हें न करें नजरअंदाज

  • सॉकेट या स्विच का गर्म होना
  • जलने जैसी गंध आना
  • बार-बार एमसीबी का ट्रिप होना
  • लाइट का झपकना या वोल्टेज गिरना
  • ये सभी शुरुआती चेतावनी संकेत हैं जिन्हें हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।

सुरक्षा सावधानियां

  • हर एसी के लिए अलग इलेक्ट्रिकल लाइन
  • सही क्षमता वाले एमसीबी और वायरिंग का उपयोग
  • समय-समय पर इलेक्ट्रिकल आडिट
  • केवल प्रोफेशनल से ही इंस्टालेशन कराना

क्या न करें

  • ओवरलोड साकेट का इस्तेमाल न करें
  • पुरानी वायरिंग में बदलाव को टालें नहीं
  • सस्ते एक्सटेंशन बोर्ड पर भारी उपकरण न चलाएं
  • लोकल या अनट्रेंड इलेक्ट्रिशियन से काम न करवाएं

विशेषज्ञों के अनुसार, शॉर्ट-सर्किट कोई अचानक होने वाली दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह वर्षों में विकसित होने वाली एक तकनीकी और प्रबंधन से जुड़ी विफलता है। वायरिंग की गुणवत्ता, बिल्डिंग निर्माण में लागत कटौती और इलेक्ट्रिकल लोड की अनदेखी मिलकर इसे गंभीर जोखिम में बदल देती है। असली समाधान सिर्फ उपकरण बदलना नहीं, बल्कि पूरे इलेक्ट्रिकल सिस्टम की सही योजना, गुणवत्ता और नियमित निगरानी है।

यह भी पढ़ें- दिल्ली के विवेक विहार में एक बिल्डिंग में आग लगने से 9 लोगों की मौत