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दिल्ली अग्निशमन विभाग में 72% स्टाफ की कमी, रेखा गुप्ता सरकार से 6,600 कर्मचारियों की तत्काल भर्ती की मांग

Published: Sat, 16 May 2026 08:40 PM (IST)

दिल्ली अग्निशमन विभाग ने 72 प्रतिशत कर्मचारियों की कमी के कारण दिल्ली सरकार से 6,600 पदों पर तत्काल भर्ती की मांग की है।

दिल्ली अग्निशमन विभाग ने दिल्ली सरकार से प्राथमिकता के आधार पर 6,600 कर्मचारियों की भर्ती (Vacancy) करने की मांग की है। एआई इमेज

 दिल्ली अग्निशमन विभाग ने दिल्ली सरकार से प्राथमिकता के आधार पर 6,600 कर्मचारियों की भर्ती (Vacancy) करने की मांग की है। एआई इमेज

HighLights

  1. विभाग में 72.5% से अधिक कर्मचारियों की कमी।

  2. दिल्ली सरकार से 6,600 कर्मचारियों की भर्ती की मांग।

  3. बढ़ती आग की घटनाओं से दमकलकर्मियों पर दबाव।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में लगातार बढ़ रही आग की घटनाओं और आपातकालीन सेवाओं पर बढ़ते दबाव के बीच दिल्ली अग्निशमन विभाग ने दिल्ली सरकार से प्राथमिकता के आधार पर 6,600 कर्मचारियों की भर्ती (Vacancy) करने की मांग की है। विभाग ने सरकार को भेजे प्रस्ताव में बताया है कि दमकल विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है, जिससे अग्निशमन सेवाओं पर गंभीर असर पड़ रहा है।

9,123 कर्मचारियों की जगह काम कर रहे 2,500

विभाग के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली के 71 फायर स्टेशनों पर करीब 2,500 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि जरूरत 9,123 कर्मचारियों की है। इस हिसाब से विभाग में 72.5 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों की कमी है। प्रस्ताव में कहा गया है कि मौजूदा व्यवस्था 24 घंटे की शिफ्ट प्रणाली पर आधारित है, जबकि स्टैंडिंग फायर एडवाइजरी काउंसिल ने दमकलकर्मियों की थकान कम करने और कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए आठ घंटे की शिफ्ट लागू करने की सिफारिश की है।

अभी 49 फायर स्टेशन बनने बाकी

विभाग ने बताया कि दिल्ली के लिए कुल 120 फायर स्टेशन स्वीकृत हैं, लेकिन अभी 49 फायर स्टेशन बनने बाकी हैं। इन सभी स्टेशनों के संचालन के लिए करीब 48 हजार फायर आपरेटरों की आवश्यकता होगी। अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस संबंध में राज्य गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।

एक घटना से निपटते ही दूसरे पर जा रहे

विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में दमकलकर्मी अत्यधिक दबाव में काम कर रहे हैं। कई बार बड़ी आग लगने पर अलग-अलग स्टेशनों से कर्मचारियों को एक साथ बुलाना पड़ता है। ऐसे में जो कर्मचारी एक आपरेशन से लौटते हैं, उन्हें तुरंत दूसरी घटना के लिए रवाना कर दिया जाता है।

अधिकारियों के मुताबिक, गर्मियों के महीनों में हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। अप्रैल से अगस्त के बीच दिल्ली में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं। बढ़ते तापमान के कारण बिजली की खपत बढ़ने से फैक्ट्रियों, गोदामों, रिहायशी इलाकों और व्यावसायिक इमारतों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं।

संकरी गलियों से गुजरना है मुश्किल

विभाग ने यह भी कहा है कि शहर के तेजी से फैलाव, संकरी गलियों, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के कारण दमकल गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित होती है। बाहरी इलाकों में अभी भी कई स्थान ऐसे हैं जहां अलग फायर स्टेशन नहीं हैं और वहां दूर स्थित स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है।

कर्मचारियों की कमी पूरी करने के बाद के लक्ष्य

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार दमकल विभाग के साथ मिलकर अगले 25 वर्षों के लिए फायरफाइटिंग मास्टर प्लान तैयार कर रही है। आने वाले वर्षों में कर्मचारियों, मशीनरी और अन्य जरूरतों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दमकल विभाग के आधुनिकीकरण में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

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