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मानसून से पहले दिल्ली में जलभराव रोकने को पीडब्ल्यूडी ने जारी की SOP, पंपों का होगा गहन परीक्षण

Published: Sat, 16 May 2026 08:22 PM (IST)

लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए विस्तृत SOP जारी की है, जिसमें पंपों ...और पढ़ें

मॉनसून शुरू होने से पहले सभी पंपों का होगा परीक्षण। (AI Generated Image)

मॉनसून शुरू होने से पहले सभी पंपों का होगा परीक्षण। (AI Generated Image)

HighLights

  1. मानसून से पहले सभी पंपों का होगा निरीक्षण।

  2. जलभराव रोकने को पीडब्ल्यूडी ने जारी की एसओपी।

  3. अतिरिक्त पंपों और डीजी सेट की उपलब्धता सुनिश्चित।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। मानसून के दौरान भारी वर्षा के दौरान जलभराव होने पर अक्सर बरसाती पंप खराब हो जाते हैं। इस स्थिति काे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने मानसून के दाैरान बरसाती पानी की निकासी के लिए लगाए जाने वाले पंपों का लगातार निरीक्षण करने के साथ साथ अतिरिक्त पंपों को उपलब्य रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

मानसून में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए विभाग ने अपने अभियंतायों के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इस दिशानिर्देश का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने से रोकना, यातायात को सुचारू बनाए रखना और आम जनता को होने वाली परेशानियों को कम करना है। एसओपी के माध्यम से पीडब्ल्यूडी के सभी संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे एसअोपी का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करें और निगरानी तंत्र भी मजबूत रखें।

एसओपी में ये दिए गए हैं निर्देश

  1. सबसे पहले पंपों का निरीक्षण : मानसून शुरू होने से पहले सभी पंपों का निरीक्षण कर प्रत्येक पंप का ट्रायल रन (परीक्षण) किया जाएगा और उसे रिकार्ड किया जाएगा। पंप की क्षमता, पानी की डिस्चार्ज व्यवस्था और संचालन स्थिति का सत्यापन होगा।
  2. विद्युत प्रणाली का निरीक्षण : इलेक्ट्रिकल पैनल, केबल, स्विच और अर्थिंग की जांच की जाएगी। डीजी सेट/बैकअप बिजली आपूर्ति का परीक्षण किया जाएगा।
  3. संचालन के दौरान निगरानी : जहां भी आटोमेशन किया गया है, पंपों को आटो मोड पर संचालित किया जाएगा। पंप संचालन की निरंतर निगरानी की जाएगी। कंपन, अधिक गर्म होने के साथ साथ असामान्य शोर या लीकेज की नियमित जांच की जाएगी। प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करने के लिए पानी के डिस्चार्ज प्रवाह की निगरानी की जाएगी।
  4. ईंधन और बिजली प्रबंधन : निर्बाध संचालन के लिए न्यूनतम 10 घंटे लगातार चलने के लिए ईंधन उपलब्ध रखना होगा। बिजली बंद होने की स्थिति में स्थापित पंप क्षमता के कम से कम 70% क्षमता में जनरेटर तैयार रखे जाएंगे। डीजी सेट के संचालन का प्रतिदिन 10 मिनट के लिए परीक्षण किया जाएगा और डीजी सेट पर पंप संचालन का भी परीक्षण किया जाएगा। अत्यधिक वर्षा के मामले में बिजली से नहीं पंप का संचालन केवल डीजी सेट से ही किया जाएगा।
  5. आपातकालीन उपाय : पंप खराब होने की स्थिति अतिरिक्त पंपों को तुरंत तैनात किया जाएगा। बिजली खराबी को केवल योग्य इलेक्ट्रीशियन द्वारा ही ठीक किया जाएगा। बड़ी खराबी के मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचित किया जाएगा। पंप आपरेटर गम बूट, दस्ताने और रिफ्लेक्टिव जैकेट का उपयोग करेंगे। कोई भी इलेक्ट्रिकल केबल पानी में डूबी नहीं रहनी चाहिए।
  6. संचालन के बाद की प्रक्रिया : पानी कम होने के बाद पंपों को सुरक्षित रूप से बंद कर दिया जाएगा। उपयोग के बाद उपकरणों को साफ और निरीक्षण किया जाएगा। ईंधन की खपत और संचालन के घंटों को रिकार्ड किया जाएगा। क्षतिग्रस्त की तुरंत मरम्मत कर फिर से उन्हें लगाया जाएगा। हर भारी वर्षा के बाद सम्प की गाद निकालना सुनिश्चित किया जाएगा।

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