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दिल्ली में 10 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, जबलपुर से मिला लिंक, 5 राज्यों में हुई गिरफ्तारी

Published: Sun, 01 Nov 2026 11:45 PM (IST)

दिल्ली पुलिस ने 2.21 लाख रुपये की साइबर ठगी की जांच करते हुए 10 करोड़ से अधिक के अंतरराष्ट्रीय जालसाजी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

HighLights

  1. दिल्ली में 2.21 लाख की साइबर ठगी की जांच शुरू हुई।

  2. जबलपुर से सुराग मिलने पर अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का खुलासा।

  3. पांच राज्यों में छापेमारी कर पांच जालसाज गिरफ्तार किए गए।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। राजधानी में हुई 2.21 लाख रुपये की साइबर जालसाजी की जांच में जुटी दक्षिण पश्चिम जिला साइबर पुलिस को जब जबलपुर से सुराग मिला तो देखते ही देखते 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का जाल बेनकाब हो गया।

दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब में ताबड़तोड़ छापेमारी कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया। इस गिरोह के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर 544 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।

चालान भरने के फर्जी लिंक से ठगी

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बीते साल नंवबर 2025 में थाने में पीड़ित से ट्रैफिक चालान भरने के फर्जी लिंक के जरिये 2.21 लाख रुपये ठगने की शिकायत दर्ज हुई थी। पुलिस टीम ने जब जांच शुरू की तो जिस सिमकार्ड से फर्जी एसएमएस भेजे जा रहे थे, वह मध्य प्रदेश के जबलपुर में नितेश पटेल के नाम पर दर्ज मिला।

पुलिस जब जबलपुर पहुंची तो सामने आया कि फोन उनका भांजा (स्कूली छात्र) इस्तेमाल कर रहा है। छात्र के हैंडसेट की जांच करने पर विंगो कैश नामक एप्लीकेशन मिला, जो उसे एक वाट्सएप ग्रुप से मिली थी। इस छात्र के फोन से बैकग्राउंड में लगभग 3,300 फर्जी चालान मैसेज अपने-आप भेजे जा चुके थे।

कुवैत कनेक्शन पर अटकी जांच

आमतौर पर पुलिस जांचती है कि पीड़ित का पैसा कहां गया। इस मामले में 2.21 लाख की कड़ी नेशनल बैंक आफ कुवैत से जुड़ी, जिससे आगे जांच अटक गई। तब पुलिस ने पैंतरा बदलकर जांचा कि एप यूजर्स को पैसा कहां से आ रहा है।

इस उल्टे दांव से मुंबई की श्री बालाजी एंटरप्राइजेज का खाता मिला, जिससे तीन दिन में 41,000 यूजर्स को एक से तीन के रूप में दो करोड़ बांटे गए थे। यहीं से 10 करोड़ की साइबर ठगी का गिरोह पकड़ा गया।

इनकी हुई है गिरफ्तारी

-मोती सिंह बघेल (उदयपुर, राजस्थान): मुंबई से गिरफ्तार श्री बालाजी एंटरप्राइजेज के पेआउट खाते का मुख्य संचालक।

-हर्षपाल (हरदोई, यूपी): लखनऊ से गिरफ्तार फर्जी खातों के संचालन और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का जिम्मा संभालता था।

- विक्की (दयालपुर, दिल्ली): नोएडा से गिरफ्तार फ्रीलांस बैंक अकाउंट और शेल कंपनियों के डाक्यूमेंट्स की व्यवस्था करने वाला एजेंट।

- विशाल दास वैष्णव (उदयपुर, राजस्थान): राजस्थान से गिरफ्तार कमीशन लेकर फर्म बनाने, बैंक किट और सिम कार्ड सप्लाई करने का काम।

-बृजेश कुमार (मलेरकोटला, पंजाब): पंजाब से गिरफ्तार ग्राहक के कागजात से फर्जी खाता खुलवाकर पेआउट खाते को फंड करता था।

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