दिल्ली में एंट्री करना पड़ा भारी, BS-3 और BS-4 ईंधन वाली गाड़ियां लौटाईं; कुंडली बॉर्डर पर घंटों लगा रहा जाम
दिल्ली में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू कड़े नियमों के चलते कुंडली बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतारें लग ...और पढ़ें

कुंडली बार्डर पर तैनात भारी पुलिस बल व जाम में फंसे वाहनों की लगी कतार। सतीश शर्मा
HighLights
दिल्ली में बीएस-6 से नीचे वाहनों पर प्रतिबंध।
कुंडली बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतारें, जाम।
केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी, बीएस-6 डीजल वाहनों को प्रवेश।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। वायु प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए सीएक्यूएम, ग्रैप और विंटर एक्शन प्लान के तहत लागू कड़े नियमों का असर रविवार को कुंडली बॉर्डर पर साफ दिखाई दिया।
दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों को सुरक्षा बलों द्वारा सख्त चेकिंग और मानकों की 'परीक्षा' से गुजरना पड़ा। सीमा पर चेकिंग के चलते नेशनल हाईवे-44 पर कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिस कारण आम राहगीर, दैनिक यात्री और दिल्ली में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली में शामिल होने जा रहे लोग घंटों जाम के चक्रव्यूह में फंसे रहे।
स्थिति यह रही कि शीशे पर रिमूवेबल काली जाली लगाने वाले कार चालकों तक के धड़ाधड़ चालान काटे गए। मानक पूरे न करने वाले वाहनों को वापस हरियाणा की ओर मोड़ा गया।
बीएस-6 से नीचे के डीजल वाहनों की एंट्री बंद
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए बीएस-6 मानक से नीचे के डीजल वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सीमा पर केवल ईवी, सीएनजी और आधुनिक बीएस-6 डीजल वाहनों को ही नियमों की जांच के बाद आगे जाने दिया गया।
पुलिस टीमें वाहनों के वैध पीयूसीसी, अत्यधिक धुआं छोड़ने वाले इंजन, निर्धारित समय-सीमा पार कर चुके ओवरएज वाहनों की बारीकी से जांच कर रही है।
मानक पूरे न होने पर चालान काटने के साथ वाहनों को सीधे वापस भेजा जा रहा है, जिससे दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को भारी असुविधा और परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीमाओं पर 12 नाके, पानीपत-दिल्ली लेन पर जाम
स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए जिला पुलिस ने शनिवार रात से ही सिंघू-कुंडली, सफियाबाद और औचंदी सहित प्रमुख रास्तों पर नाकेबंदी कर दी है।
हरियाणा पुलिस के साथ सीमा से कुछ ही दूरी पर दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक विंग और सीआरपीएफ के जवान भारी संख्या में तैनात रहे। दोहरी जांच व्यवस्था के कारण पानीपत-दिल्ली लेन में वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई।
इसके अलावा, प्याऊ मनियारी में ड्रेन नंबर आठ के पुल की मरम्मत के चलते ट्रैफिक को सर्विस रोड पर डायवर्ट किया गया है, जिससे जाम की समस्या और अधिक विकराल हो गई है।
केजीपी, केएमपी और वैकल्पिक रास्तों से जाने की सलाह
जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दिल्ली होकर अन्य राज्यों की ओर जाने वाले भारी व गैर-जरूरी वाहनों को केजीपी और केएमपी एक्सप्रेसवे की तरफ डायवर्ट किया है।
इसके साथ ही बहालगढ़ से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बागपत होते हुए लोनी बॉर्डर और मुरथल से दिल्ली या एयरपोर्ट जाने वाले वाहन चालकों को बड़वासनी से द्वारका एक्सप्रेसवे होकर जाने की एडवाइजरी जारी की गई है।
सीमाओं पर बनी इस अनिश्चितता और कड़े पहरे के बीच वाहन चालकों में गहरा रोष और बेबसी साफ दिखाई दे रही है।
खरखौदा में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए एक नवंबर से लागू किए गए नियमों के तहत बीएस-6, सीएनजी के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को ही एंट्री मिलेगी। ऐसे में खरखौदा पुलिस की तरफ से भी दिल्ली जाने वाले मार्गों पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की गई।
जांच में नियमों को पूरा करने वाले वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश करने दिया गया। जबकि बीएस-3, बीएस-4 वाहनों को जांच के बाद वापस कर दिया गया।
खुद थाना प्रभारी अनिल कुमार ने एनएच 344पी पर झिंझौली टोल प्लाजा व औचंदी बॉर्डर के पास लगाए गए नाकों पर पहुंचकर वाहनों की व्यवस्था को देखा और खुद भी वाहनों की जांच की।
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